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Hindi News ›   Cricket ›   “I Just Love Batting”: Smriti Mandhana Reacts After Record-Breaking 124 Against Hong Kong

महिला एशिया कप: रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद क्या बोलीं स्मृति मंधाना? हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 124 रन बनाकर रचा इतिहास

Thu, 03 Sep 2026 11:27 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 03 Sep 2026 11:27 PM IST
सार

स्मृति मंधाना ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 124 रन की पारी से कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, लेकिन इन उपलब्धियों पर उनका जवाब बेहद सरल रहा। उन्हें खुद नहीं पता था कि पारी के दौरान कितने रिकॉर्ड टूट गए। मंधाना ने कहा कि वह सिर्फ बल्लेबाजी का आनंद ले रही थीं और टीम में योगदान देना चाहती थीं।

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“I Just Love Batting”: Smriti Mandhana Reacts After Record-Breaking 124 Against Hong Kong
स्मृति मंधाना - फोटो : IANS

विस्तार

दुबई में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ स्मृति मंधाना ने सिर्फ शतक नहीं जड़ा, बल्कि महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक के कई पन्ने एक साथ बदल दिए। 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी के बाद जब उनसे इस प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब बेहद सादा था, उन्हें बस बल्लेबाजी करना पसंद है। मंधाना की इस पारी ने उन्हें महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बना दिया। उन्हें इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। 
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प्लेयर ऑफ द मैच बनीं स्मृति मंधाना
प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा, 'मैं इस शतक को किसी एक व्यक्ति को समर्पित करने के बारे में नहीं सोच रही थी, लेकिन निश्चित रूप से इसे अपने परिवार को समर्पित करना चाहूंगी। हमने हॉन्गकॉन्ग के बारे में ज्यादा नहीं जाना था। हमने कुछ वीडियो देखे थे, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं थी। हम पहली बार उनके खिलाफ खेल रहे थे, इसलिए जब आप ऐसे गेंदबाज के सामने होते हैं, जिसके बारे में आपको ज्यादा पता नहीं है, तो आपको पहले खेले गए क्रिकेट को भूलकर सिर्फ गेंद को देखने पर ध्यान देना होता है। मेरे लिए यह ज्यादा से ज्यादा उनकी गेंदों की गति के अनुसार खुद को ढालने के बारे में था।'
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पावरप्ले में फुल टॉस गेंदों को लेकर मंधाना ने हंसते हुए कहा, 'मैं कहूंगी कि फुल टॉस मेरी ताकत नहीं हैं। (हंसते हुए) मैं खुश हूं कि आज मैं कुछ फुल टॉस गेंदों का फायदा उठा सकी। मुझे लगता है कि कोई भी शीर्ष क्रम का बल्लेबाज यही कहेगा कि कभी-कभी फुल टॉस पर छक्का लग सकता है और कभी उसी गेंद पर आप आउट भी हो सकते हैं।'
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मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ा
मंधाना ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 124 रन की पारी में 14 चौके और सात छक्के लगाए। इसी दौरान उन्होंने भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। यह मंधाना के अंतरराष्ट्रीय करियर का 18वां शतक भी था। इसके साथ वह मेग लैनिंग और लॉरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गईं। मंधाना की इस पारी पर जेमिमा रोड्रिगेज की प्रतिक्रिया आई। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'मेरी बहन एक लीजेंड है। वो महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई।' रोड्रिगेज इस टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा नहीं हैं। वह चोट से रिकवर कर रही हैं।

‘मुझे नहीं पता था कि ये सब हुआ’
मंधाना ने अपनी उपलब्धियों पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें मैच के दौरान इन रिकॉर्ड्स के बारे में जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा, 'मुझे इन सबके बारे में पता ही नहीं था। मेरे लिए धीमी गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल होता है, लेकिन इसका श्रेय उन्हें जाता है। पावरप्ले में उन्होंने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और जिस तरह की ऊर्जा उन्होंने दिखाई, उससे हम सभी सीख सकते हैं।' इसके बाद मंधाना ने अपने खेल के प्रति प्यार को अपनी सफलता की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा, 'मैं बस बल्लेबाजी करना पसंद करती हूं और खुश हूं कि मैं अपनी टीम के लिए योगदान दे सकी।'

मुश्किल पिच पर दिखी जबरदस्त बल्लेबाजी
दुबई की पिच में शुरुआत में ज्यादा गति नहीं थी और गेंद भी कुछ मौकों पर नीचे रह रही थी। इसके बावजूद मंधाना ने क्रीज पर लगातार मूवमेंट करते हुए बैकफुट का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ा और जरूरत के मुताबिक अपने शॉट्स में बदलाव किया। भारत के बाकी बल्लेबाजों ने मिलकर 56 गेंदों पर 62 रन बनाए, जबकि मंधाना अकेले 64 गेंदों पर 124 रन बनाकर टीम को 193/5 के मजबूत स्कोर तक ले गईं।

‘बल्लेबाजी बेहद अप्रत्याशित है’
अपनी बल्लेबाजी की तकनीक पर बात करते हुए मंधाना ने कहा कि क्रिकेट में हर दिन एक जैसा नहीं होता। उन्होंने कहा, 'कुछ दिन ऐसे होते हैं जब आप स्टंप्स से गेंद को हिट करते हैं। कुछ दिन ऐसा नहीं होता और कभी आप चौथे या पांचवें स्टंप की गेंद पर किनारा लगा देते हैं। बल्लेबाजी बेहद अप्रत्याशित है। कुछ दिन अच्छे होते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि हांगकांग के खिलाफ उनका ध्यान सिर्फ गेंद को देखने और परिस्थितियों को समझने पर था। मंधाना ने कहा, 'हम पहली बार उनके खिलाफ खेल रहे थे और आपको गेंदबाजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसलिए मैं खुद से बस यही कह रही थी कि गेंद को ध्यान से देखो।'

पिच को समझने के बाद बदला अंदाज
मंधाना के मुताबिक पावरप्ले में पिच थोड़ी धीमी थी, लेकिन आंखें जमने के बाद बल्लेबाजी आसान होती गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह गेंद की लंबाई को बेहतर तरीके से समझने लगीं और गेंद के नीचे से शॉट खेलने में सफल रहीं। हॉन्गकॉन्ग के गेंदबाजों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'उन्हें श्रेय देना चाहिए। मैं उनके बारे में बात करती रहूंगी, क्योंकि हम पहली बार उनके खिलाफ खेल रहे हैं और यह उनके लिए भी एक यादगार मौका है।' मंधाना की 124 रन की पारी ने उन्हें महिला टी20 एशिया कप इतिहास में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी दिलाया। उन्होंने चामारी अटापट्टू के 2024 में मलयेशिया के खिलाफ बनाए गए 119 नाबाद रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
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