IND Inning
28/2 (10.5 ov)
Ruturaj Gaikwad 5(17)*
Rohit Sharma 21 (41)
IND elected to bat
{"_id":"65a2c6ec54130f94de0a108b","slug":"yuvraj-singh-wants-to-become-mentor-of-the-indian-team-said-i-will-return-to-cricket-when-children-grow-up-2024-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yuvraj Singh: भारतीय टीम के मेंटर बनना चाहते हैं युवराज, कहा- बच्चे बड़े हो जाएंगे तो क्रिकेट में लौटूंगा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Yuvraj Singh: भारतीय टीम के मेंटर बनना चाहते हैं युवराज, कहा- बच्चे बड़े हो जाएंगे तो क्रिकेट में लौटूंगा
Sat, 13 Jan 2024 10:52 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 13 Jan 2024 10:52 PM IST
सार
युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने काफी फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीता। 2017 में मैं एक फाइनल का हिस्सा रहा जिसमें हम पाकिस्तान से हार गए थे। आगामी वर्षों में हमें निश्चित रूप से इस पर काम करना होगा।
विज्ञापन
Yuvraj Singh
- फोटो : Social Media
विस्तार
पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने शनिवार को संकेत दिया कि वह भारतीय क्रिकेट टीम को आने वाली चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के लिए भविष्य में ‘मेंटोर’ की भूमिका निभाना पसंद करेंगे। भारत पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 वनडे विश्वकप फाइनल में हार गया जिससे आईसीसी ट्रॉफी का उसका इंतजार और बढ़ गया। भारत ने 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तान में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी जबकि पिछली विश्वकप जीत 2011 में मिली थी।
युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने काफी फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीता। 2017 में मैं एक फाइनल का हिस्सा रहा जिसमें हम पाकिस्तान से हार गए थे। आगामी वर्षों में हमें निश्चित रूप से इस पर काम करना होगा। बतौर देश और भारतीय टीम के तौर पर दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना, उन्हें सिखाना कि दबाव कैसे झेलते हुए अपना खेल दिखाएं। यह चुनौती रही है। हमारे पास मैच होते हैं और खिलाड़ी जो दबाव में बल्लेबाजी कर सकें लेकिन पूरी टीम को ऐसा करना चाहिए, एक या दो खिलाड़ियों को नहीं। मैं मार्गदर्शन करना पसंद करूंगा।
आगामी वर्षों में जब मेरे बच्चे बड़े हो जाएंगे, मैं क्रिकेट को वापस देना चाहूंगा और युवाओं को बेहतर होने में मदद करना चाहूंगा। मुझे लगता है कि हम बड़े टूर्नामेंट में काफी मानसिक चुनौतियों का सामना करते हैं। मेरा मानना है कि मानसिक पहलू में मैं भविष्य में इन खिलाड़ियों के साथ काम कर सकता हूं। मुझे लगता है कि मैं इसमें योगदान दे सकता हूं, विशेषकर मध्यक्रम में।’
विज्ञापन
विज्ञापन
युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने काफी फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीता। 2017 में मैं एक फाइनल का हिस्सा रहा जिसमें हम पाकिस्तान से हार गए थे। आगामी वर्षों में हमें निश्चित रूप से इस पर काम करना होगा। बतौर देश और भारतीय टीम के तौर पर दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना, उन्हें सिखाना कि दबाव कैसे झेलते हुए अपना खेल दिखाएं। यह चुनौती रही है। हमारे पास मैच होते हैं और खिलाड़ी जो दबाव में बल्लेबाजी कर सकें लेकिन पूरी टीम को ऐसा करना चाहिए, एक या दो खिलाड़ियों को नहीं। मैं मार्गदर्शन करना पसंद करूंगा।
विज्ञापन
आगामी वर्षों में जब मेरे बच्चे बड़े हो जाएंगे, मैं क्रिकेट को वापस देना चाहूंगा और युवाओं को बेहतर होने में मदद करना चाहूंगा। मुझे लगता है कि हम बड़े टूर्नामेंट में काफी मानसिक चुनौतियों का सामना करते हैं। मेरा मानना है कि मानसिक पहलू में मैं भविष्य में इन खिलाड़ियों के साथ काम कर सकता हूं। मुझे लगता है कि मैं इसमें योगदान दे सकता हूं, विशेषकर मध्यक्रम में।’
विज्ञापन