'युवराज को आखिरी चांस तो मिलना ही चाहिए'
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी दो वनडे और शुरुआती दो टेस्ट मैचों में काफी अटकलों के बावजूद युवराज सिंह शामिल नहीं किए गए। हालांकि वर्ल्ड कप 2015 के बाद टीम से बाहर चल रहे रविंद्र जडेजा की वापसी हुई है।
जडेजा को रणजी में शानदार प्रदर्शन पर मौका मिला है। भारतीय चयनकर्ताओं का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलु पिचों में जडेजा अपना जलवा बिखेर सकते हैं। लेकिन बात युवी तक आई ही नहीं। युवी ने भी रणजी में शानदार शतक ठोका और 187 रनों की मजबूत पारी खेली थी।
युवी की अनदेखी पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर को चौंका रही है। गावस्कर ने कहा कि युवी को कम से कम लास्ट चांस तो मिलना ही चाहिए। आगे जानिए, उन्होंने युवी के बारे में और क्या कहा
नंबर 5 पर युवी हैं एक्सपर्ट
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर चयनकर्ताओं के ऑलराउंडर युवराज सिंह की उपेक्षा से नाखुश हैं हालांकि उनका कहना है कि वह चयनकर्ताओं के इस फैसले से हैरान नहीं हैं क्योंकि उन्होंने तो इस साल हुए विश्व कप के दौरान युवराज को न चुनकर संकेत पहले ही दे दिया था।
भारतीय टीम को फिलहाल एक ऐसे बल्लेबाज की कमी खल रही है जो नंबर पांच, छह या सात पर दबाव के बीच बेहतर फिनिश करने की क्षमता रखता हो। रणजी ट्रॉफी में हाल में 187 रनों की पारी खेलने वाले युवराज का विकल्प चयनकर्ताओं के पास था लेकिन चयन समिति ने उन्हें फिर नजरंदाज किया।
उन्होंने कहा कि मेरा निजी तौर पर मानना है कि श्रेष्ठ कंबीनेशन वही है जिसमें युवा और अनुभव शामिल हो। हमारे पास नंबर पांच क्रम पर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज की कमी है और युवराज के पास खासा अनुभव है। आप रैना को कम अनुभवी नहीं कह सकते जो पिछले दस साल से टीम में हैं लेकिन युवराज के होने से अंतर पैदा होता है। मुझे युवराज के लिए खेद है।