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BCCI हुआ नाराज, कैरेबियाई खिलाड़ियों को मिलेगी सजा!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 18 Oct 2014 10:59 AM IST
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भुगतान संबंधी विवाद के कारण बगावती रूख अपनाते हुए वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भारत का दौरा बीच में ही रद्द कर दिया है। कप्तान ड्वेन ब्रावो के नेतृत्व में कैरेबियाई खिलाड़ियों ने धर्मशाला में वनडे मैच के बाद अपने वतन वापस जाने का फैसला किया।
दौरा बीच में छोड़ने की वजह से अभी शेष एक वनडे मैच के अलावा एकमात्र टी-20 और 3 टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं खेली जाएगी। खिलाड़ियों के फैसले की जानकारी चौथे वनडे से पहले वेस्टइंडीज के टीम मैनेजर रिची रिचर्डसन ने बीसीसीआई को मेल द्वारा दे दी थी।
वेस्टइंडीज के खिलाड़ी शुक्रवार को चौथा वनडे भी खेलने को तैयार नहीं थे, लेकिन स्टेडियम में ही दोनों टीमों के मैनेजरों रवि शास्त्री और रिची रिचर्डसन की एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ आपात बैठक के बाद खिलाड़ियों को मैच खेलने के लिए राजी किया गया।
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हालांकि बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के इस फैसले पर हैरानी जाहिर की। अब भारतीय बोर्ड कैरेबियाई खिलाड़ियों को इस फैसले के लिए सजा भी देने का विचार कर रहा है। साथ ही बीसीसीआई ने कहा है कि वह इस मामले में वेस्टइंडीज बोर्ड से जवाब-तलब करेगा और अगर उसे घाटा हुआ तो वेस्टइंडीज बोर्ड को उसे पूरा करना होगा।
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दौरा बीच में छोड़ने की वजह से अभी शेष एक वनडे मैच के अलावा एकमात्र टी-20 और 3 टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं खेली जाएगी। खिलाड़ियों के फैसले की जानकारी चौथे वनडे से पहले वेस्टइंडीज के टीम मैनेजर रिची रिचर्डसन ने बीसीसीआई को मेल द्वारा दे दी थी।
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वेस्टइंडीज के खिलाड़ी शुक्रवार को चौथा वनडे भी खेलने को तैयार नहीं थे, लेकिन स्टेडियम में ही दोनों टीमों के मैनेजरों रवि शास्त्री और रिची रिचर्डसन की एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ आपात बैठक के बाद खिलाड़ियों को मैच खेलने के लिए राजी किया गया।
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हालांकि बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के इस फैसले पर हैरानी जाहिर की। अब भारतीय बोर्ड कैरेबियाई खिलाड़ियों को इस फैसले के लिए सजा भी देने का विचार कर रहा है। साथ ही बीसीसीआई ने कहा है कि वह इस मामले में वेस्टइंडीज बोर्ड से जवाब-तलब करेगा और अगर उसे घाटा हुआ तो वेस्टइंडीज बोर्ड को उसे पूरा करना होगा।
क्या है बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच विवाद की वजह
सीरीज शुरू होने से पहले ही कैरेबियाई खिलाड़ियों और उनके क्रिकेट बोर्ड के बीच विवाद जारी था। सीरीज का पहला मैच भी टीम नहीं खेलना चाहती थी लेकिन बाद में राजी हो गई।
धर्मशाला में मैच से पहले ही खिलाड़ियों ने दौरा रद्द करने का ऐलान कर दिया था। मैच से पहले टॉस के दौरान सभी खिलाड़ी अपने बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मैदान पर पहुंच गए। विंडीज टीम को भारत दौरे के दौरान 5 मैचों की वनडे सीरीज के अलावा एक ट्वंटी-20 और 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलना था, लेकिन धर्मशाला वनडे दौरे का अब अंतिम मैच होगा।
कैरेबियाई खिलाड़ी अपने क्रिकेट बोर्ड के व्यवहार से नाखुश हैं और फीस के मामले में काफी बड़ा विवाद चल रहा है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) ने मैचों से हुई कमाई का पूरा हिस्सा खिलाड़ियों की बजाय अन्य क्षेत्रीय खिलाड़ियों को देने का फैसला किया है, जिसका खिलाड़ी विरोध कर रहे हैं। डब्ल्यूआईसीबी ने गुरुवार को ही यह साफ किया था कि वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूआईपीए) ही खिलाड़ियों के आधिकारिक एजेंट होंगे और मौजूदा गतिरोध को दूर करने के लिए वह सीधे खिलाड़ियों से बात नहीं करेगा।
साथ ही खिलाड़ियों को मिले नए अनुबंध के तहत उनकी तनख्वाह में 75 प्रतिशत कटौती हो रही है।
धर्मशाला में मैच से पहले ही खिलाड़ियों ने दौरा रद्द करने का ऐलान कर दिया था। मैच से पहले टॉस के दौरान सभी खिलाड़ी अपने बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मैदान पर पहुंच गए। विंडीज टीम को भारत दौरे के दौरान 5 मैचों की वनडे सीरीज के अलावा एक ट्वंटी-20 और 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलना था, लेकिन धर्मशाला वनडे दौरे का अब अंतिम मैच होगा।
कैरेबियाई खिलाड़ी अपने क्रिकेट बोर्ड के व्यवहार से नाखुश हैं और फीस के मामले में काफी बड़ा विवाद चल रहा है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) ने मैचों से हुई कमाई का पूरा हिस्सा खिलाड़ियों की बजाय अन्य क्षेत्रीय खिलाड़ियों को देने का फैसला किया है, जिसका खिलाड़ी विरोध कर रहे हैं। डब्ल्यूआईसीबी ने गुरुवार को ही यह साफ किया था कि वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूआईपीए) ही खिलाड़ियों के आधिकारिक एजेंट होंगे और मौजूदा गतिरोध को दूर करने के लिए वह सीधे खिलाड़ियों से बात नहीं करेगा।
साथ ही खिलाड़ियों को मिले नए अनुबंध के तहत उनकी तनख्वाह में 75 प्रतिशत कटौती हो रही है।
विंडीज की जगह भारत का दौरा करेगी श्रीलंका की टीम
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इस मैच के बाद ही वापस स्वदेश लौट जाएगी। कैरेबियाई टीम के अचानक दौरा रद्द किए जाने से बेहद नाराज बीसीसीआई ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड से इस दौरान सीरीज कराने का प्रस्ताव रखा।
भारतीय बोर्ड के निवेदन को श्रीलंकाई बोर्ड ने स्वीकार कर लिया और उनके सचिव निशांत रणतुंगा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि हमने भारत में खेलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। श्रीलंका अब भारत में 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलेगा। यह सीरीज एक से 15 नवंबर के बीच खेली जा सकती है।
रणतुंगा ने कहा, "हालांकि शुरुआत में बीसीसीआई एक टी-20 मैच भी खेलना चाहती थी लेकिन हमने 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलने फैसला इसलिए लिया कि कुछ समय के बाद वर्ल्ड कप खेला जाना है और वनडे सीरीज से दोनों ही टीमों को फायदा मिलेगा।"
इस सीरीज के मैच कोलकाता, कटक, हैदराबाद, बंगलुरू और अहमदाबाद में कराए जा सकते हैं। बीसीसीआई कार्यक्रमों के बारे में जल्द ही ऐलान करेगा।
भारतीय बोर्ड के निवेदन को श्रीलंकाई बोर्ड ने स्वीकार कर लिया और उनके सचिव निशांत रणतुंगा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि हमने भारत में खेलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। श्रीलंका अब भारत में 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलेगा। यह सीरीज एक से 15 नवंबर के बीच खेली जा सकती है।
रणतुंगा ने कहा, "हालांकि शुरुआत में बीसीसीआई एक टी-20 मैच भी खेलना चाहती थी लेकिन हमने 5 मैचों की वनडे सीरीज खेलने फैसला इसलिए लिया कि कुछ समय के बाद वर्ल्ड कप खेला जाना है और वनडे सीरीज से दोनों ही टीमों को फायदा मिलेगा।"
इस सीरीज के मैच कोलकाता, कटक, हैदराबाद, बंगलुरू और अहमदाबाद में कराए जा सकते हैं। बीसीसीआई कार्यक्रमों के बारे में जल्द ही ऐलान करेगा।
कैरेबियाई खिलाड़ियों ने नाराज BCCI, IPL से होंगे बाहर!
सीरीज अचानक बीच में ही छोड़ने के बाद बीसीसीआई अब वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को आईपीएल में खिलाने को लेकर पुनर्विचार कर सकता है। वेस्टइंडीज खिलाड़ियों के इस रवैये से बीसीसीआई बेहद नाराज है।
सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई कुछ कठोर कदम उठा सकता है जिसके तहत कैरिबियाई खिलाड़ियों को आईपीएल से बाहर किया जा सकता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "निश्चित रूप से आईपीएल कार्यकारी समिति की अगली बैठक में इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "बोर्ड के कई वरिष्ठ सदस्यों का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को आईपीएल में कम से कम एक सीजन के लिए प्रतिबंधित किया जाए। क्रिस गेल, कीरोन पोलार्ड और ड्वेन ब्रावो जैसे खिलाड़ियों के लिए आईपीएल आय एक अहम जरिया है। भारतीय प्रशंसक भी विंडीज के खिलाड़ियों को काफी सम्मान देते हैं लेकिन जिस तरह का फैसला खिलाड़ियों ने किया है वह पीठ में छुरा भोंकने के समान है।"
सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई कुछ कठोर कदम उठा सकता है जिसके तहत कैरिबियाई खिलाड़ियों को आईपीएल से बाहर किया जा सकता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "निश्चित रूप से आईपीएल कार्यकारी समिति की अगली बैठक में इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "बोर्ड के कई वरिष्ठ सदस्यों का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को आईपीएल में कम से कम एक सीजन के लिए प्रतिबंधित किया जाए। क्रिस गेल, कीरोन पोलार्ड और ड्वेन ब्रावो जैसे खिलाड़ियों के लिए आईपीएल आय एक अहम जरिया है। भारतीय प्रशंसक भी विंडीज के खिलाड़ियों को काफी सम्मान देते हैं लेकिन जिस तरह का फैसला खिलाड़ियों ने किया है वह पीठ में छुरा भोंकने के समान है।"
आईसीसी से शिकायत करेगा बीसीसीआई
अपनी टीम के बगावती तेवर का समर्थन करते हुए वेस्टइंडीज के कप्तान ड्वेन ब्रावो ने कहा, "मैं और पूरी टीम एक साथ हैं। यह दौरा हमारे लिए काफी कठिन रहा है। हम नहीं चाहते कि हमारे कारण क्रिकेट का खेल या हमारे प्रशंसक प्रभावित हों, लेकिन फिर भी यह हमारे लिए फैसला लेने का समय है। मेरे खिलाड़ी जो लड़ाई लड़ रहे हैं, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।"
दूसरी ओर, बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने कहा, "बीसीसीआई कैरेबियाई बोर्ड के इस फैसले से हैरान है। हमें यह कहते हुए निराशा हो रही है कि वेस्टइंडीज बोर्ड के इस फैसले से बीसीसीआई के साथ उसके संबंध खराब होंगे। बीसीसीआई इस मामले को लेकर आईसीसी से बात करेगा।"
पूरे घटनाक्रम पर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा, "मैंने जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह वेस्टइंडीज के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि उन्हें दौरे को जारी रखना चाहिए था। महज वेतन मामले को लेकर वह इस तरह दौरा बीच में ही नहीं छोड़ सकते।"
"यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी शर्मिंदगी है। हमने बोर्ड अधिकारियों से बात की है और उन्होंने हमें एक वनडे का आश्वासन दिया है। हम दर्शकों का पैसा वापस कर देंगे या फिर श्रीलंका वनडे में उन्हें प्रवेश देंगे।" - सुबीर गांगुली, कैब संयुक्त सचिव।
दूसरी ओर, बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने कहा, "बीसीसीआई कैरेबियाई बोर्ड के इस फैसले से हैरान है। हमें यह कहते हुए निराशा हो रही है कि वेस्टइंडीज बोर्ड के इस फैसले से बीसीसीआई के साथ उसके संबंध खराब होंगे। बीसीसीआई इस मामले को लेकर आईसीसी से बात करेगा।"
पूरे घटनाक्रम पर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा, "मैंने जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह वेस्टइंडीज के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि उन्हें दौरे को जारी रखना चाहिए था। महज वेतन मामले को लेकर वह इस तरह दौरा बीच में ही नहीं छोड़ सकते।"
"यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी शर्मिंदगी है। हमने बोर्ड अधिकारियों से बात की है और उन्होंने हमें एक वनडे का आश्वासन दिया है। हम दर्शकों का पैसा वापस कर देंगे या फिर श्रीलंका वनडे में उन्हें प्रवेश देंगे।" - सुबीर गांगुली, कैब संयुक्त सचिव।