ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारत की विश्व कप टीम में जगह बनाने के बाद कहा कि उनका सपना सच हो गया और वह इंडियन टी-20 लीग टीम के साथी भुवनेश्वर कुमार के साथ इस महासमर का दबाव झेलने की कला सीख रहे हैं।
शंकर ने इंडियन टी-20 लीग के अपने साथी भुवनेश्वर का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं भारतीय विश्व कप टीम का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं। यह सपने के साकार होने जैसा है। यहां हैदराबाद में भी कुछ सदस्य विश्व कप विजेता टीम के हैं और मैंने उनसे इस बारे में यह समझने के लिए बात की है कि विश्व कप टीम में खेलना कैसा लगता है और फिर इसे जीतने का अहसास क्या होता है। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है कि इस तरह के महासमर में दबाव से निपटने के क्या तरीके हैं।’
शंकर को बल्लेबाजी क्रम में जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है, विशेषकर चौथे नंबर पर। तमिलनाडु के इस खिलाड़ी ने अपनी त्रिआयामी काबिलियत के बूते यह स्थान हासिल किया जिसके पहले अंबाती रायुडू के पास जाने की उम्मीद थी।
भुवनेश्वर अपना दूसरा विश्व कप खेलेंगे, वह भी खुश थे। उन्होंने कहा, ‘मैं भी विश्व कप के लिए चुने जाने से काफी खुश हूं, इंग्लैंड के हालात मेरी मजबूती के अनुरूप होंगे और मैं इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करूंगा। इंडियन टी-20 लीग में से मुझे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले सही मैच अभ्यास मिला है।’
हैदराबाद के टीम मेंटोर और पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि भारतीय चयनकर्ताओं ने एक मजबूत टीम चुनी है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम काफी संतुलित टीम है और खिताब की प्रबल दावेदारों में से एक है। मैंने भुवी और विजय को नेट पर खेलते हुए देखा है। वे अच्छी फार्म में हैं और विश्व कप जैसे मंच पर शानदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। मुझे उम्मीद है कि ये टीम की सफलता में काफी बड़ा योगदान देंगे।’