बात विश्व कप में खेलने की हो तो कोई भी टीम इतने बड़े आयोजन में प्रयोगों से बचना चाहेगी, लेकिन टीम इंडिया पर अगले माह इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप को लेकर यह बात फिट नहीं बैठने जा रही है। इसका उदाहरण नंबर चार बल्लेबाजी क्रम पर मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का बयान है, जिसमें उन्होंने इस क्रम पर कई विकल्प मौजूद होने की बात कहकर विजय शंकर, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक को आजमाने को कहा है।
अंबाति रायुडू खिलाए जाते रहे, पर World Cup में आजमाए जाएंगे शंकर-जाधव-कार्तिक
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1983 का विश्व कप जीतने वाली टीम के विकेट कीपर सैयद किरमानी को यही बात गले के नीचे नहीं उतर रही है। किरमानी साफ कर देते हैं कि विजय शंकर बेहद भाग्यशाली हैं जिन्हें विश्व कप की टीम में जगह मिली है, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दोनों बेहद महत्वपूर्ण मुकाबलों में उन्हें टीम में जगह नहीं मिलेगी। वहीं 1987 और 1992 का विश्व कप खेलने वाली भारतीय टीम के विकेट कीपर किरन मोरे ऋषभ पंत को टीम में नहीं लिए जाने को गलत करार देते हैं।
एक बार भी नंबर चार पर नहीं खेले हैं शंकर
नंबर चार पर कोहली की पहली पसंद बीते वर्ष अक्तूबर से अंबाती रायडु रहे, लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई घरेलू श्रृंखला के दौरान उनकी पसंद बदल गई। रायडु ने पिछले अक्तूबर से नंबर चार पर 14 पारियों में 42.18 की औसत से 85.60 के स्ट्राइक रेट के साथ 464 रन बनाए। खास बात यह रही कि इस दौरान अन्य किसी बल्लेबाज को इस क्रम पर आजमाया नहीं गया। नतीजन इस क्रम पर रिजर्व बल्लेबाज की जगह नहीं बन पाई। शंकर ने अब तक नौ वन डे खेले हैं, लेकिन एक बार भी नंबर चार पर नहीं खेले हैं।
जून माह में इंग्लिश परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नंबर चार का क्रम बेहद महत्वपूर्ण है। यहां कुकाबुरा नहीं बल्कि दो-दो ड्यूक गेंदों से आक्रमण होगा। भारत के पहले चारों मैच मजबूत दक्षिण अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान से हैं। जून के भारी मौसम में यहां गेंद काफी घूमती है। किरमानी इसी को लेकर हैरान हैं। उनका कहना है कि जब किसी मजबूत बल्लेबाज का विकल्प ही नहीं है तो ऐसे में पहले दो मैचों में इस क्रम पर केदार जाधव को मौका देना चाहिए।
दिक्कत यह है कि अगर टॉप आर्डर फेल हो गया तो मध्यक्रम में इसे संभालने वाला मैच विनर कौन होगा? धोनी से उम्मीद की जा सकती है पर उनके साथ एक औरर बल्लेबाज होना चाहिए। इसी एक्स फैक्टर की वकालत किरन मोरे करते हैं। मोरे का कहना है कि इस क्रम पर पंत को आजमाने से विकल्प मिल सकते थे। हालांकि किरमानी पंत पर कार्तिक के चयन को जायज ठहराते हैं। उनका मानना है कि पंत को अभी विकेट कीपिंग में काफी कुछ करने की जरूरत है।