इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने 11 टेस्ट में चार बार सचिन तेंदुलकर को आउट किया, लेकिन उनका कहना है कि यह भारतीय बल्लेबाज श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के साथ उनके दौर का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सहवाग उस दौर का सबसे आक्रामक बल्लेबाज था और राहुल द्रविड़ ‘दीवार’ की तरह था, लेकिन हालात के अनुरूप ढलने की कला तेंदुलकर को सर्वश्रेष्ठ बनाती है।
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मोंटी पनेसर सचिन तेंदुलकर
- फोटो : ट्विटर
इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट खेल चुके पनेसर ने नागपुर में 2006 में अपने पहले मैच में तेंदुलकर को आउट किया था, उन्होंने ब्रिटेन के प्रेस ट्रस्ट से कहा, ‘सचिन जब भी टिक जाता तो बड़ी पारी खेलता, लेकिन हर बल्लेबाज की तरह उसकी भी कमजोरी थी। क्रीज पर जमने के बाद हालांकि वह अलग ही रंग में आ जाता था।’
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राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग
पनेसर ने कहा, ‘सचिन को आउट करना कठिन होता था। आपको पता नहीं चलता था कि वह किस गेंद पर कौन सा शॉट खेलेगा। द्रविड़ भी महान बल्लेबाज था और इसलिए उसे दीवार भी कहते हैं। वह बल्लेबाजी करता था तो लगता था कि उसका बल्ला दूसरों से चौड़ा है क्योंकि वह इतनी देर टिककर खेल जाता था। सहवाग अपने समय का सबसे विध्वंसक बल्लेबाज था।’
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रोहित-विराट
- फोटो : BCCI
युवराज सिंह ने हाल ही में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा को छोड़कर कोई ‘रोलमॉडल’ नहीं है और पनेसर ने इस पर सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण हम सभी के लिए रोलमॉडल थे। उनसे हम सीखते थे कि मैदान के भीतर और बाहर कैसे रहना है। सचिन से एक इंसान से तौर पर भी मैने बहुत कुछ सीखा, उसके परिवार ने उसे काफी अच्छे संस्कार दिए।’
पनेसर ने संगकारा और जयवर्धने को स्पिन गेंदबाजी खेलने के महारथी बल्लेबाज बताया। कोरोना वायरस महामारी के कारण लुटोन में अपने घर में बंद पनेसर ने चैरिटी के लिए धन जुटाने की ऑनलाइन मुहिम शुरू की है।