विश्व कप 2019 में नहीं नजर आएंगे ये पांच खिलाड़ी! टीम चयन से मिल गया इशारा?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेस्ट टीम के अहम सदस्य रहे अजिंक्य रहाणे लंबे वक्त से वन-डे टीम से बाहर चल रहे हैं। मौजूदा फॉर्म देखकर विश्व कप तक उनकी वापसी मुश्किल ही नजर आ रही है।
विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेलते हुए उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 17 तो दिल्ली के खिलाफ महज 10 रन ही बनाए।
इसके बाद देवधर ट्रॉफी में भी उनका बल्ला अब तक खामोश ही रहा। इंडिया 'सी' का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 'बी' के खिलाफ 32 तो 'ए' के विरूद्ध 14 रन ही बनाए।
सुरेश रैना:
2005 में श्रीलंका के खिलाफ अपना वन-डे डेब्यू करने वाले सुरेश रैना जितने मौके भारतीय क्रिकेट में शायद ही किसी दूसरे खिलाड़ी को मिले होंगे।
बावजूद इसके अबतक वे टीम में अपनी जगह पक्की करने में नाकामयाब रहे। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मौका दिया। मगर वे इसे भी नहीं भूना पाए।
न तो विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए उन्होंने कोई कमाल दिखाया और न ही देवधर ट्रॉफी में वे इंडिया 'सी' की ओर से खेलते हुए किसी को प्रभावित कर पाए।
रविचंद्रन अश्विन:
युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव जैसे युवा स्पिनर्स के शानदार प्रदर्शन के चलते रवि अश्विन अब केवल टेस्ट स्पिनर ही बनकर रह चुके हैं। पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेलने वाले अश्विन का विश्व कप में चयन भी मुश्किल ही लगता है।
टीम मैनेजमेंट भविष्य के लिए खिलाड़ी तैयार कर रहा है। हालिया प्रदर्शन पर नजर डाले तो देवधर ट्रॉफी में इंडिया 'ए' की ओर अश्विन कोई कमाल भी नहीं दिखा पाए थे। ऐसे में 32 वर्षीय इस खिलाड़ी के लिए वनडे टीम में वापसी दूर की कौड़ी ही साबित हो रही है।
भारतीय टीम को 2011 विश्व कप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह आज टीम में वापसी को तरस रहे हैं। वैसे तो भारतीय टीम अबतक चौथे और छठे क्रम के बल्लेबाज की तलाश में जुटा ही हुआ है। बावजूद इसके युवराज सिंह इस मौके को भुनाने मे कामयाब नहीं हो पा रहे।
विजय हजारे ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन इसका गवाह है कि पंजाब के इस शेर की दहाड़ में न तो अब वो बात रही और न ही गेंदबाजों का शिकार करने की क्षमता।