टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने तीसरे टेस्ट मैच के दौरान सोमवार को रविचंद्रन अश्विन पर छींटाकशी करने पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर उनका आचरण ठीक नहीं था और इससे उन्हें कप्तानी से हाथ धोना पड़ सकता है।
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टिम पेन और आर अश्विन
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गावस्कर ने इंडिया टुडे से कहा, 'मुझे नहीं पता, मैं ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता नहीं हूं, लेकिन कप्तान के रूप में उनके पास गिनती के दिन बचे है। आप भारतीय टीम को बिना (ज्यादा) विकेट हासिल किए 130 ओवरों तक बल्लेबाजी करने देते है। यह बहुत अच्छा ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण है। आप गेंदबाजी में बदलाव, क्षेत्ररक्षकों को सही जगह खड़ा कर परिणाम को बदल सकते थे।'
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टिम पेन
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गावस्कर ने कहा, 'टिम पेन अपने क्षेत्ररक्षकों और गेंदबाजी में बदलाव करने के बजाय बल्लेबाज से बात करने में अधिक दिलचस्पी ले रहे थे। श्रृंखला के खत्म होने के बाद अगर ऑस्ट्रेलियाई कप्तानी में कोई बदलाव होता है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।'
गावस्कर ने कहा, 'आप आसान कैच छोड़ रहे है। दो बार गेंद ने ऋषभ पंत के बल्ले का बाहरी किनारा लिया, वह मुश्किल कैच नहीं था। विहारी के कैच को वह स्लिप के क्षेत्ररक्षक के पास जाने दे सकते थे।' पेन ने इस मैच में तीन कैच टपकाए। विहारी से पहले उन्होंने ऋषभ पंत को दो बार जीवन दान दिया। पेन ने आखिरी सत्र में हताशा में अश्विन पर छींटाकशी की लेकिन इससे वह अपना ही ध्यान भटका बैठे और विहारी का कैच टपका दिया।
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रवि अश्विन और हनुमा विहारी
- फोटो : ट्विटर @ddsportschannel
बता दें कि हनुमान विहारी और रविचंद्रन अश्विन की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया की जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पांचवें दिन चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की शतकीय साझेदारी टूटने से जीत की उम्मीदें धूमिल और हार का खतरा मंडराने लगा, लेकिन हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन ने क्रीज पर जो पांव जमाए तो मैच को ड्रॉ करके ही दम लिया। हनुमा और अश्विन ने 256 गेंदों पर 62 रनों की अटूट साझेदारी की।