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घरेलू क्रिकेट के नए नियमों से हैरान हैं सौरव गांगुली, सीओए को ई-मेल लिखकर निकाली भड़ास

Tue, 30 Oct 2018 02:32 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 30 Oct 2018 02:32 PM IST
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sourav ganguly is not happy with the new rules of domestic cricket
sourav ganguly

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा कैब अध्यक्ष व बीसीसीआई की तकनीकी समिति के प्रमुख सौरव गांगुली ने भारतीय घरेलू क्रिकेट के नियमों में बदलाव की आलोचना की है। 

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कुछ दिन पहले ही बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने क्रिकेट ऑपरेशन्स के महाप्रबंधक सबा करीम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति की आलोचना की थी। चौधरी ने सरकारी कर्मचारियों को बीच सत्र में स्थानीय खिलाड़ी के रूप में खेलने और उनके लिए एक साल की राहत वाले नियम के फैसले की कड़ी आलोचना की थी।
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अब पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी अमिताभ चौधरी की बात पर सहमति जताते हुए इस सीजन में तुरंत नियम परिवर्तन की आलोचना की है। गांगुली ने इस मामले में अपनी निराशा व्यक्त की है। 
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गांगुली ने शनिवार को एक ट्रेल ई-मेल में चौधरी के ई-मेल का हवाला दिया और इस सीजन में घरेलू क्रिकेट में तुरंत नियम बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गांगुली ने लिखा, 'प्रिय अमिताभ जी, मैं आपसे इस मामले पर सहमत हूं और संबंधित व्यक्तियों के ध्यान में यह मामला लाना चाहता हूं। मैं हैरान हूं कि बिना किसी परामर्श के ऐसा फैसला ले लिया गया। बड़ी बात यह है कि तकनीकी समिति की बैठक में लिए गए फैसले को नजरअंदाज किया गया और नए नियमों का पालन किया जा रहा है।'

गांगुली ने आगे लिखा, 'यह पूरी तरह अव्यवस्थित है और बीसीसीआई के बुनियादी संविधान के खिलाफ है, जहां संबंधित समितियां बैठक आयोजित करती हैं। उम्मीद है कि सीओए इसकी अहमियत को समझेगा। बता दें कि इस सीजन में सीओए ने तीन बार नियमों में बदलाव किया है।'

विजय हजारे ट्रॉफी से पहले पुडुचेरी का मामले सामने आया जब राज्य के लिए खेलने को लेकर एक साल का पढ़ने या नौकरी देने का प्रमाण पत्र जारी करने की बात हुई। मगर उन्हें अपने कदम पीछे खींचने पड़े क्योंकि अन्य सभी टीमों की तरफ से विरोध जाहिर किया गया। 

सबा करीम ने इस बार घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए नियम जारी किए थे, जिसके मुताबिक खिलाड़ियों को जन्म प्रमाणपत्र, वास्तविक रोजगार या शैक्षणिक योग्यता देनी होती है। किसी टीम में खेलने के लिए उस खिलाड़ी को एक सितंबर से एक साल पहले उस राज्य में में पढ़ाई या नौकरी करने का प्रमाण पत्र देना होता है।


रणजी ट्रॉफी से पहले सीओए ने सरकारी कर्मचारियों को ट्रांसफर के आधार पर दूसरे राज्यों में खेलने की अनुमति दी गई है। इससे सिक्किम को तीन बाहरी खिलाड़ियों को मौका देने के लिए हरी झंडी मिली।

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