पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर लगातार अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर अख्तर कई बार अपने अनुभवों को साझा कर चुके हैं, इसकी वजह से उन्हें विवादों में भी रहना पड़ा है। इस बार भी उन्होंने ड्रग्स को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है।
शोएब अख्तर का सनसनीखेज खुलासा, कहा- ड्रग्स लेने के लिए बनाया गया था दबाव, लेकिन..
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उन्होंने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उन्हें उनकी रफ्तार बढ़ाने के लिए कई बार ड्रग्स का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने के प्रयास किए गए थे लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। अख्तर ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि अगर वे ड्रग्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो वे तेज रफ्तार से गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे।
पाकिस्तान के एंटी नारकोटिक्स फोर्सेज द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, अख्तर ने कहा कि कुछ शीर्ष वर्ग के पाकिस्तानी क्रिकेटर का करियर ड्रग्स के कारण बर्बाद हो गया। रावलपिंडी एक्सप्रेस ने क्रिकेटरों का नाम नहीं लिया, लेकिन युवाओं को ड्रग्स और इस तरह की अन्य गलत प्रथाओं से दूर रहने का आग्रह करते हुए अपना मामला बताया।
It was my honor being the speaker/guest of honor at the symbolic drug burning ceremony by Anti Narcotics Force of Pakistan.
— Shoaib Akhtar (@shoaib100mph) November 23, 2020
ANF is making efforts to the best of its capacity & resources for a drug free Pakistan.
Play sports, work out & do healthy activities for a bright future. pic.twitter.com/4nhsZCC6lA
उन्होंने इस्लामाबाद में कहा कि जब मैंने अपना करियर शुरू किया था, तब मुझसे कहा गया थी कि मैं तेज गेंदबाजी नहीं कर पाऊंगा और मुझे 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल करना होगा। लेकिन मैंने उनकी बात नहीं मानी और हमेशा इससे इनकार किया।
अख्तर ने ट्विटर पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि एंटी-नारकोटिक्स फोर्स ऑफ पाकिस्तान द्वारा प्रतीकात्मक ड्रग बर्निंग समारोह में स्पीकर/गेस्ट ऑफ ऑनर होना मेरे लिए सम्मान की बात है। एक दवा-मुक्त पाकिस्तान के लिए एएनएफ अपनी क्षमता और संसाधनों का सबसे अच्छा प्रयास कर रहा है। खेल खेलें, काम करें और उज्ज्वल भविष्य के लिए स्वस्थ गतिविधियां करें।
उल्लेखनीय है कि क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड शोएब अख्तर के नाम पर ही दर्ज है। उन्होंने 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी।