साल- 2007, जगह- दक्षिण अफ्रीका, मौका- T20 विश्व कप। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि युवा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया वर्ल्ड टी-20 का पहला ही संस्करण अपने नाम कर जाएगी। इस ऐतिहासिक जीत के अहम किरदार थे रॉबिन उथप्पा।
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रॉबिन उथप्पा
- फोटो : ट्विटर
भारत के लिए 46 वन-डे और 13 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके उथप्पा लंबे वक्त से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। हालांकि लगातार आईपीएल खेलते रहे। इस साल उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने तीन करोड़ रूपये में खरीदा था। कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने अपने करियर के बेहद बुरे दौर से गुजरने की कहानी बयां की है।
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टी-20 विश्व कप विजेता टीम के साथ रॉबिन उथप्पा
- फोटो : ट्विटर
कर्नाटक के इस धाकड़ बल्लेबाज और पार्ट टाइम विकेटकीपर ने बताया कि अपने करियर में वह दो साल तक अवसाद और आत्महत्या के ख्यालों से जूझते रहे जब क्रिकेट ही एकमात्र वजह थी जिसने उन्हें 'बालकनी से कूदने' से रोका।
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रॉबिन उथ्थपा की पत्नी
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना वायरस महामारी के कारण आईपीएल स्थगित कर दिया गया है। उथप्पा ने रॉयल राजस्थान फाउंडेशन के लाइव सत्र 'माइंड, बॉडी एंड सोल' में कहा, 'मुझे याद है 2009 से 2011 के बीच यह लगातार हो रहा था और मुझे रोज इसका सामना करना पड़ता था। मैं उस समय क्रिकेट के बारे में सोच भी नहीं रहा था।'
उथप्पा ने कहा, 'मैं उन दिनों में इधर उधर बैठकर यही सोचता रहता था कि मैं दौड़कर जाऊं और बालकनी से कूद जाऊं, लेकिन किसी चीज ने मुझे रोके रखा। मैं सोचता था कि इस दिन कैसे रहूंगा और अगला दिन कैसा होगा, मेरे जीवन में क्या हो रहा है और मैं किस दिशा में आगे जा रहा हूं। मैच से इतर दिनों या आफ सीजन में बड़ी दिक्कत होती थी।'