शतकवीर हार्दिक बोले- धोनी से सीखा है क्रिकेट का ये गुर
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श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में करियर का पहला शतक जड़ने वाले टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने एक ही पारी में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। इस पारी के बाद प्रेस से चर्चा करते हुए हार्दिक ने कहा, मौजूदा टीम की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां खिलाड़ियों को अपने-अपने खेल का लुत्फ उठाने को कहा गया है। और फिलहाल मैं अपने खेल का पूरी तरह आनंद उठा रहा हूं।
महान कपिल देव से तुलना करने से आह्लादित आलराउंडर हार्दिक पंड्या ने आज कहा कि अगर वह पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान जैसा दस प्रतिशत भी बन पाते हैं तो उन्हें बड़ी खुशी होगी। चयनसमिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने कहा था कि हार्दिक पंड्या अगर अपने खेल पर ध्यान बनाये रखते हैं तो उनमें कपिल देव के जैसा बनने की क्षमता है।
बल्लेबाजी करते वक्त मैं स्कोर बोर्ड की तरफ नहीं देखता
पांड्या ने कहा कि आज बल्लेबाजी करते समय वह पूरी तरह से अलग मूड में थे। उन्होंने कहा, ‘‘अपनी जिंदगी में पहली बार मैं 90 रन के बाद दबाव में नहीं था। मैं अपने पिछले शतकों को याद नहीं करता लेकिन मुझे याद है कि शतक के करीब पहुंचने पर मैं अजीब स्थिति में आ जाता था। आज बल्लेबाजी करते समय मैं अलग तरह के मूड में था। ’’ पंड्या ने कहा, ‘‘जब मैं बल्लेबाजी करता हूं तो अपने निजी स्कोर और उपलब्धियों के बारे में नहीं सोचता। इससे मुझे काफी मदद मिलती है।
मैंने माही भाई से सीखा अपनी टीम को हमेशा ऊपर रखो
उन्होंने कहा, ‘‘यह अचानक ही हो गया। मैं तब हर गेंद पर शाट मारने के मूड में नहीं था लेकिन मैं नहीं जानता कि क्या हुआ। हो सकता है कि तब मेरे बल्ले पर गेंद अच्छी तरह से आ रही थी। इसलिए मैंने सोचा कि कोशिश की जाए और मैंने 26 रन बना दिये। इससे निश्चित तौर पर मुझे खुशी हुई। ’’ पंड्या ने कहा, ‘‘वहां से मैंने स्कोरबोर्ड देखा और मैं 80 के आसपास बल्लेबाजी कर रहा था। तब मुझे लगा कि मैं पूरी लय में हूं। अमूमन मैं स्कोरबोर्ड नहीं देखता। मैं नहीं जानना चाहता कि मेरे इर्द गिर्द क्या हो रहा है। मैं केवल इस पर ध्यान देना चाहता हूं कि पारी को आगे बढ़ाने में मैं कैसे मदद कर सकता हूं। ’’