केएल राहुल, मनीष पांडेय जैसे सितारों से सजी मजबूत कर्नाटक को हराते हुए बंगाल 13 साल बाद रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया। कोलकाता के ईडन गार्डंस में घरेलू दर्शकों के बीच मंगलवार को खेल के चौथे ही दिन मेजबान बंगाल ने कर्नाटक को 174 रन से मात दी। अभिमन्यु ईश्वरन की कप्तानी में बंगाल के पास अपना तीसरा खिताब जीतने का सुनहरा मौका होगा। टीम 2006-07 में दीप दासगुप्ता की कप्तानी में आखिरी बार फाइनल में पहुंची थी, जहां उसे मुंबई के हाथों 132 रन से हरा झेलनी पड़ी थी। यह टीम 1938-39 में पहली बार और 1989-90 सत्र में आखिरी बार रणजी चैंपियन बनी थी जो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का प्रथम श्रेणी में पदार्पण सत्र था। फाइनल में बंगाल का सामना गुजरात और सौराष्ट्र के बीच राजकोट में चल रहे एक अन्य सेमीफाइनल के विजेता से होगा। फाइनल नौ मार्च से खेला जाएगा लेकिन बंगाल की टीम को यह मैच विरोधी टीम के मैदान पर खेलना होगा।
Ranji Trophy: 13 साल बाद फाइनल में पहुंचा बंगाल, लगातार तीसरा सेमीफाइनल हारा कर्नाटक
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8 बार की चैंपियन कर्नाटक लगातार तीसरा सेमीफाइनल हारी
भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडेय की वापसी से बेहद मजबूत नजर आ रही कर्नाटक पिछले कुछ वर्षों से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और यह लगातार तीसरी मौका था जब वह सेमीफाइनल में पहुंची और उसे हार का मुंह देखना पड़ा। कप्तान करुण नायर के अलावा 19 वर्षीय देवदत्त पाडिक्कल भी शानदार लय में थे। वह मौजूदा सत्र में 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। टीम ने क्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को हराया था। मगर एक बार फिर यह टीम अंतिम चार की बाधा पार नहीं कर पाई। बंगाल ने साथ ही कर्नाटक को खिताब की तिकड़ी बनाने से भी रोक दिया। कर्नाटक ने हाल में घरेलू एकदिवसीय (विजय हजारे ट्राफी) और टी-20 टूर्नामेंट (सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) जीता था। टीम इससे पहले 2014-15 में लगातार दूसरी बार खिताबी तिकड़ी बनाने में सफल रही थी।
35 वर्षीय अनुस्तूप मजूमदार का बेहतरीन शतक
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल के लिए छठे क्रम पर आए अनुस्तूप मजूमदार ने बेहतरीन शतक जड़ा। 35 वर्षीय इस खिलाड़ी के 149 रन के बूते बंगाल ने स्कोरबोर्ड पर 312 रन टांगे। शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद मजूमदार ने एक छोर संभाले रखा। यह उनका नौवां प्रथम श्रेणी शतक और रणजी में सातवां सैकड़ा था। क्वार्टर फाइनल में भी इस खिलाड़ी ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 157 रन की पारी खेली थी।
ईशान पोरेल का पंजा
जवाब में कर्नाटक की पूरी टीम पहली पारी में 122 रन पर सिमट गई। बंगाल के लिए युवा सनसनी ईशान पोरेल ने पांच विकेट लिए, जबकि आकाश दीप ने 3 और मुकेश कुमार ने दो खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई। कर्नाटक का यह इस सत्र का न्यूनतम स्कोर था। लोकेश राहुल (26), कृष्णप्पा गौतम (31) और मिथुन ने 24 रन बनाए। पहली पारी में 190 रन की बढ़त के बाद अभिमन्यू मिथुन के चार विकेट की बदौलत कर्नाटक ने बंगाल को 161 रन पर समेट दिया और कर्नाटक के सामने 352 रन का मुश्किल लक्ष्य था। जवाब में कर्नाटक की पारी 177 पर ढेर हो गई। बंगाल की ओर से मुकेश कुमार ने छह विकेट लिए, जबकि पहली पारी के हीरो ईशान पोरेल और आकाश दीप ने दो-दो शिकार किए। कर्नाटक के लिए इस सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के चार खिलाड़ी खेल रहे थे, लेकिन कोई भी टीम को हार से नहीं बचा पाया। लोकेश राहुल ने पहली पारी में 26 तो दूसरी पारी में 0 रन बनाए। कप्तान करुण नायर ने पहली पारी में 3 व दूसरी पारी में 6 रन बनाए। मनीष पांडे ने 12 व 12 रन की पारियां खेलीं। बंगाल की ओर से मैच में सभी 20 विकेट तेज गेंदबाजों ने चटकाए।
फाइनल खेलेंगे साहा
भारतीय टेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को रणजी ट्रॉफी फाइनल के लिए बंगाल की टीम में शामिल किया गया है। साहा ओपनर अभिषेक रमन की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है जो रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। साहा बांग्लादेश के खिलाफ ईडन गार्डन में ऐतिहासिक दिन-रात्रि टेस्ट के दौरान दायें हाथ की अंगुली में लगी चोट से उबरे हैं। उन्हें हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार के दौरान भारत की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। साहा बंगाल की ओर से पिछली बार 2017-18 सत्र में खेले थे जब उन्होंने चार मैचों में 38.33 की औसत से रन बनाए थे। सुदीप घरामी को भी टीम में जगह दी है। चोटिल कौशिक घोष और युवा गुलाम मुस्तफा को बाहर कर दिया गया है।