चीन से फैले जानलेवा कोरोनावायरस ने भारत में भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। देश में तीन पॉजिटिव मिलने के 24 घंटे के अंदर मंगलवार को नोएडा से लेकर आगरा, लखनऊ और शिमला तक इसके संदिग्ध मरीज सामने आने से हड़कंप मच गया। दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले के एक ही परिवार के छह लोगों में इसके गंभीर लक्षण मिले हैं। आइए जानते हैं भारत में सबसे पहले कहां मिले कोरोनावयरस से संक्रमित मरीज...
कोरोना का कहर: भारत में इस वायरस ने कब और कहां दी दस्तक
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02 मार्च: दिल्ली और तेलंगाना में सामने आए मामले
दिल्ली में एक व्यक्ति और पार्टी से फैला संक्रमण: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मयूर विहार निवासी दिल्ली के जिस मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई, उसने 28 फरवरी की रात दिल्ली के होटल हयात में बच्चे के जन्मदिन की पार्टी दी थी। इसमें 25 परिवार शामिल हुए थे। पार्टी में नोएडा से दो परिवार गए थे। इनके बच्चे नोएडा के दो अलग-अलग निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। जिस स्कूल में पॉजिटिव मरीज का बच्चा पढ़ता है उसे छह मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया। दूसरे स्कूल को नौ मार्च तक बंद किया गया है। इन स्कूलों में पांच बच्चों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। स्कूल बिल्डिंग और बस सैनेटाइज की जा रही हैं।
तेलंगाना का मरीज 20 फरवरी को आया था भारत
तेलंगाना में सामने आए कोरोनावायरस के मामले में संक्रमित मरीज 20 फरवरी को दुबई से कर्नाटक के बंगलूरू आया था। वह आईटी कंपनी में इंजीनियर है। बंगलूरू में उसने अपने परिचितों से मुलाकात की थी। इसके बाद वह बस से 22 फरवरी को तेलंगाना के हैदराबाद पहुंचा। वहां खांसी-जुकाम की शिकायत पर उसने अपोलो अस्पताल में दिखाया, लेकिन हफ्तेभर बीतने के बावजूद ठीक नहीं हुआ। इसके बाद रविवार को उसे सरकारी गांधी अस्पताल भेजा गया। जहां जांच में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। कर्नाटक सरकार ने उसकी पहचान उजागर नहीं की है। हालांकि 20 से 22 फरवरी के बीच उस व्यक्ति के संपर्क में आए हर शख्स की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही उसके साथ बस में सवार करीब 25 यात्रियों की भी स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है।
02 मार्च: राजस्थान में इटली के पर्यटक में हुई पुष्टि
राजस्थान में भी सोमवार 02 मार्च को जयुपर में कोरोनावायरस के मरीज होने का मामला सामने आया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने विधानसभा में बताया था कि इटली के पर्यटक की दूसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, पहली रिपोर्ट निगेटिव थी। तीसरी जांच के लिए सैंपल पुणे के भारतीय विषाणु अध्ययन संस्थान भेजा है। यह पर्यटक अपने 20 साथियों के साथ उदयपुर पहुंचा था। वहां से सभी जयपुर आए थे।
इटली के पर्यटक दल के बाकी सदस्यों सहित 24 को निगरानी में
जयपुर में इटली के पर्यटक में संक्रमण की पुष्टि के बाद उसके साथ आए 21 अन्य पर्यटकों, बस ड्राइवर, कंडक्टर और टूरिस्ट गाइड को संदिग्ध मानते हुए आईटीबीपी के छाबला सेंटर में रखा गया है। इटली के पॉजिटिव मरीज का जयपुर के एसएमएस अस्पताल इलाज चल रहा है। जहां उसकी हालत स्थिर है।
02 मार्च: आगरा का परिवार भी इटली से लौटा, पार्टी में गया
दिल्ली में पॉजिटिव मिले मरीज के साथ उसके आगरा निवासी रिश्तेदार और जूता कारोबारी दो सगे भाई सपरिवार इटली घूमकर 26 फरवरी को लौटे थे। दिल्ली में रिश्तेदार के पॉजिटिव आने पर दोनों भाई इटली गए परिवार के 13 सदस्यों के साथ सोमवार शाम आगरा जिला अस्पताल पहुंचे और सैंपल दिए। केजीएमयू लखनऊ की जांच में इनमें से छह लोगों में कोरोना के लक्षण मिले। अब इनके नमूनों को पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) भेजा गया है। सभी छह मरीजों को दिल्ली रेफर कर दिया गया। वहीं, इनके संपर्क में आए 35 अन्य लोगों के भी नमूने लिए गए हैं। इस परिवार के कुछ लोग होटल हयात में हुई पार्टी में भी शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक मयूर विहार के पीड़ित व्यक्ति के लिए काम करने वाले अकाउंटेंट को भी संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।