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Hindi News ›   Cricket ›   ‘Non-Vegetarian Tea’: Bombay HC Questions MCA Over Cockroaches and Flies Found in Canteen Kitchen

जानें मामला: 'क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे नॉन वेज चाय पी रहे हैं?' अदालत का मुंबई क्रिकेट संघ से सवाल

Tue, 25 Aug 2026 03:34 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 25 Aug 2026 03:34 PM IST
सार

मुंबई क्रिकेट संघ की कैंटीन में कीड़े-मकोड़े मिलने के मामले में बंबई हाई कोर्ट ने एमसीए पर तीखी टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे 'मांसाहारी चाय' पी रहे हैं। एफडीए की रिपोर्ट में भोजनालय की रसोई में तिलचट्टे और मक्खियां मिलने के साथ गंदगी का भी जिक्र था। कोर्ट ने निरीक्षण से पहले परिसर साफ करने का निर्देश दिया।

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‘Non-Vegetarian Tea’: Bombay HC Questions MCA Over Cockroaches and Flies Found in Canteen Kitchen
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

मुंबई क्रिकेट संघ की कैंटीन में खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर सामने आई गंभीर लापरवाही पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन की रिपोर्ट में एमसीए के बांद्रा कुर्ला परिसर में संचालित भोजनालयों में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आने के बाद अदालत ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी की।
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कैंटीन में मिले तिलचट्टे और मक्खियां
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ एमसीए की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एमसीए ने एफडीए के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के गंभीर उल्लंघनों के चलते बांद्रा कुर्ला परिसर में संचालित पांच रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। अदालत ने एफडीए की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, 'एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार भोजनालय की रसोई में तिलचट्टे और मक्खियां भरी हुई थीं तथा फर्श फिसलन भरा और गंदा था। यदि स्वच्छता मानकों का घोर उल्लंघन हुआ है, तो एफडीए तत्काल लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय ले सकता है।'
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एमसीए बोला- खिलाड़ियों को चाय भी नहीं दे पा रहे
सुनवाई के दौरान एमसीए के वकील विक्रम नानकानी ने दलील दी कि एफडीए को पहले नोटिस जारी करना चाहिए था, ताकि भोजनालयों को कमियां दूर करने का मौका मिल सके। हालांकि, अदालत ने कहा कि निरीक्षण के दौरान गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर ऐसा नोटिस देना जरूरी नहीं था। नानकानी ने आगे कहा कि सभी रेस्तरां और भोजनालय बंद होने के कारण एमसीए क्रिकेटरों को चाय तक नहीं परोस पा रहा है। इसी पर अदालत ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे 'मांसाहारी चाय' पी रहे हैं।
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कोर्ट की टिप्पणी ने खींचा ध्यान
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे ने कहा, 'रेस्तरां की रसोई में मक्खियां और तिलचट्टे हैं। यह मांसाहारी चाय है। क्या उन्हें (क्रिकेटरों को) पता है कि वे यह चाय पी रहे हैं।' अदालत ने एमसीए को बृहस्पतिवार को एफडीए अधिकारियों के निरीक्षण से पहले अपने भोजनालयों के परिसर को साफ करने का निर्देश भी दिया। मामला अब भोजनालयों की स्वच्छता व्यवस्था और एफडीए की कार्रवाई के संदर्भ में आगे बढ़ेगा।
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