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Gambhir vs Dhoni: पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने फिर छेड़ी नई बहस, गंभीर-धोनी विवाद को दिया नया मोड़, कह दी यह बात

Fri, 15 Mar 2024 08:37 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Mayank Tripathi Updated Fri, 15 Mar 2024 08:37 PM IST
सार

इस मुद्दे पर अब प्रवीण कुमार ने भी अपनी बात रखी है। पूर्व गेंदबाज ने गंभीर के आरोपों पर हामी भरते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, "यह कुश्ती या कोई अन्य व्यक्तिगत खेल नहीं है। एक आदमी आपको मैच नहीं जिता सकता।"

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2011 विश्व कप धोनी और गंभीर ने ही मिलकर जिताया था - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय टीम ने साल 2011 में तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। 1983 के बाद टीम ने पहली बार इस खिताब को अपने नाम बनाया था। यही वजह है कि दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की जुबान पर धोनी का नाम रहता है। वहीं, पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को अक्सर सोशल मीडिया और ब्रॉडकास्टर पर धोनी को जीत का हीरो बनाने का आरोप लगाते देखा जाता है। 
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हाल ही में गंभीर ने एक चर्चा के दौरान कहा था कि भारत को नायक पूजा से बाहर निकलने की जरूरत है, जिसके बाद एक बार फिर धोनी बनाम गंभीर मुद्दे को हवा मिल गई। गंभीर ने कहा, "भारत को इस नायक पूजा से बाहर आने की जरूरत है। चाहे वह भारतीय क्रिकेट हो, चाहे वह राजनीति हो, चाहे वह दिल्ली क्रिकेट हो। हमें नायकों की पूजा करना बंद करना होगा। केवल एक चीज जिसकी हमें पूजा करने की जरूरत है वह भारतीय क्रिकेट है, या उस मामले के लिए दिल्ली या भारत। इसे किसने बनाया? इसे दो चीजों ने बनाया है। पहला, सोशल मीडिया फॉलोअर्स द्वारा, जो शायद इस देश में सबसे फर्जी चीज है। दूसरा, मीडिया और ब्रॉडकास्टर्स द्वारा।"
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गंभीर बनाम धोनी मुद्दे पर आया प्रवीण कुमार का बयान
इस मुद्दे पर अब प्रवीण कुमार ने भी अपनी बात रखी है। पूर्व गेंदबाज ने गंभीर के आरोपों पर हामी भरते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि,"यह कुश्ती या कोई अन्य व्यक्तिगत खेल नहीं है। एक आदमी आपको मैच नहीं जिता सकता। युवराज सिंह ने 15 विकेट लिए, इतने रन बनाए। जहीर खान ने 21 विकेट लिए। गौतम गंभीर ने 2007 और 2011 के फाइनल में रन बनाए। धोनी ने 2011 के फाइनल में रन बनाए। एक टीम तभी जीतती है जब उसके कम से कम तीन बल्लेबाज फॉर्म में हों और कम से कम दो गेंदबाज विकेट ले रहे हों। चाहे टेस्ट हो, वनडे या टी20, एक खिलाड़ी आपको टूर्नामेंट नहीं जिता सकता।"
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पूर्व गेंदबाज ने दी प्रशंसकों को खास सलाह
प्रवीण कुमार ने भारत के लिए छह टेस्ट, 68 वनडे और 10 टी20 मैच खेले, जिनमें उन्होंने क्रमशः 27, 77 और आठ विकेट हासिल किए। उन्होंने आगे कहा, "भारतीय क्रिकेट में हीरो संस्कृति हमेशा से रही है। मुझे लगता है कि यह 1980 के दशक से है। यह एक गलत प्रवृत्ति है। कई बार क्रिकेटर क्रिकेट से भी बड़े हो जाते हैं। जिसके पास अधिक ब्रांड समर्थन होता है उसे अधिक सुर्खियां मिलती हैं।"
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