{"_id":"5f087b768ebc3e63dc764e9f","slug":"pakistan-cricket-board-forced-to-sell-logo-rights-for-lower-price-in-odd-condition","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंगाली की कगार पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, अब औने-पौने दाम पर करना पड़ा रहा करार","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
कंगाली की कगार पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, अब औने-पौने दाम पर करना पड़ा रहा करार
Fri, 10 Jul 2020 09:14 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Fri, 10 Jul 2020 09:14 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान क्रिकेट टीम
- फोटो : ट्विटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इंग्लैंड दौरे पर खेली जानी वाली श्रृंखला से पहले राष्ट्रीय टीम के लिए प्रायोजक ढूंढने में सफल रहा, लेकिन यह करार उसने उम्मीद से काफी कम कीमत पर किया। एक विश्वसनीय सूत्र के अनुसार, पीसीबी ने ट्रांसमीडिया के साथ एक साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है। यह कंपनी पिछले कुछ वर्षों से पीसीबी में विभिन्न प्रायोजन और मीडिया अधिकार खरीद रही है।
विज्ञापन
ट्रांसमीडिया पहले से ही सहयोगी प्रायोजक के तौर पर पीसीबी को सालाना 15 करोड़ (पाकिस्तानी) रुपये का भुगतान कर रहा है। सूत्र ने बताया, 'ट्रांसमीडिया ने पाकिस्तान टीम की जर्सी और किट पर मुख्य लोगो के लिए तीन साल के सौदे के लिए 60 करोड़ रुपये की पेशकश की है। कई कोशिश के बाद पर निराशा का सामना करने के बाद बोर्ड ने अब 20 करोड़ रुपये में एक साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है।’
विज्ञापन
सूत्र ने बताया कि पीसीबी अगले साल फिर से लोगो अधिकार की नीलामी कर सकता है। इससे पहले पेप्सी का तीन साल का करार 55 लाख डालर (लगभग 91 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का था जो पिछले महीने खत्म हो गया।
विज्ञापन
सूत्र के मुताबिक कंपनी नए करार के लिए पिछली रकम का 30 प्रतिशत ही देना चाहती थी, लेकिन करार को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘शीर्ष अधिकारियों ने वैश्विक और स्थानीय कंपनियों से संपर्क किया लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली।’