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'ओपनिंग में जोखिम है, लेकिन इसका भी अपना एक अलग मजा है'
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला
Updated Sun, 25 Mar 2018 08:50 AM IST
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मनजोत कालरा
- फोटो : file
ओपनर मनजोत कालरा न्यूजीलैंड में अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉटआउट सेंचुरी जमा भारत को खिताब जिता कर सुर्खियों में आए। मनजोत के मिजाज से आक्रामक बल्लेबाज होने के कारण ही दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें सीजन के लिए नीलामी में उनके बेस प्राइस 20 लाख रूपये में खरीदा।
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दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 आईपीएल लीग का फॉर्मेट मनजोत के आक्रामक बल्लेबाजी के मिजाज से मेल खाता है। दिल्ली डेयरडेविल्स अब कार्यक्रम में बदलाव 2018 आईपीएल में अपने अभियान का आगाज 8 अप्रैल को अपने घर यहां फिरोजशाह कोटला मैदान की बजाय किंग्स इलेवन, पंजाब के खिलाफ उसके घर मोहाली में मैच खेल कर करेगी।
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19 बरस के मनजोत कालरा ने 'अमर उजाला' से शनिवार को कहा, 'मुझे दिल्ली डेयरडेविल्स ने 2018 में आईपीएल नीलामी में खरीदा। मैं अपने नाम के मुताबिक जाबांज क्रिकेटरों से सज्जित दिल्ली डेयरडेविल्स से जुड़ कर खासा रोमांचित हूं। मुझे इस आईपीएल सीजन में जब भी और जितना भी खेलने का मौका मिलेगा मैं अच्छा प्रदर्शन कर उसे भुनाने का पूरी कोशिश करूंगा। मेरी खुश किस्मती है कि दिल्ली डेयरडेविल्स की अगुवाई मेरे लाल बहादुर शास्त्री क्लब के सीनियर ओपनर गौतम गंभीर कर रहे हैं। गौती (गंभीर) भाई भी ओपनर हैं और मैं भी।'
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उन्होंने आगे कहा, 'ओपनर होने के नाते मैं इस बात को बखूबी जानता हूं कि ओपनिंग में जोखिम है और लेकिन इसका अपना एक अलग मजा है। मैंने ओपनिंग इसलिए चुनी की क्योंकि मुझे इसमें बहुत मजा आता है। ओपनिंग में जहां जल्दी आउट होने का जोखिम है तो क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट के मुताबिक उतनी ही तेजी से रन बनाने का मौका भी। आईपीएल में इस सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए अपने क्लब के अनुभवी साथी ओपनर गंभीर के पहली बार खेलने का अनुभव भविष्य में मेरे बहुत काम आएगा।'
वह कहते हैं, 'अपनी बल्लेबाजी को किसी अन्य नामी बल्लेबाज की शैली में ढालने की बजाय मुझे खुद अपने आक्रामक अंदाज में खेलना पसंद है। हालांकि मुझे दिल्ली के पूर्व धुरंधर धांसूं ओपनर वीरू (वीरेंद्र सहवाग), टीम इंडिया के मौजूदा ओपनर शिखर धवन और अपनी दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान गंभीर की आतिशी बल्लेबाजी खासी अच्छी लगती है। यूं भी हम नॉर्थ वाले को आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी करना ज्यादा भाता हैं। मैंने क्रिकेट में अब तक जो कुछ भी हासिल किया है वह बतौर क्रिकेट उस्ताद संजय भारद्वाज और सुरेश बत्रा के मार्गदर्शन का अत्यंत अहम योगदान है। इन दोनों ने ही मुझे क्रिकेट की बारीकियां बताई। संजय सर और सुरेश बत्रा सर, दोनों की मुझे यह सलाह है कि मैं आक्रामक अंदाज में जरूर खेलूं लेकिन हर गेंद को आंख बंद कर उड़ाने से जरूर परहेज करूं। इन दोनों की नसीहत यही है अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कामयाबी पाने के लिए जोश के साथ थोड़ा होश भी जरूरी है।'
मनजोत कहते हैं, 'मेरे अब तक छोटे से क्रिकेट करियर का यादगार क्षण भारत के लिए अंडर-19 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेंचुरी जड़ खिताब जिताना रहा है। इस सेंचुरी ने मुझमें बतौर बल्लेबाज नया विश्वास भरा। मेरी कामयाबी में मेरे माता पिता का अहम योगदान रहा है।'