चार साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे बंगाल के सीनियर बल्लेबाज मनोज तिवारी ने रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक जड़ने के बाद कहा, मेरे लिए यह बहुत अच्छी नींद वाली रात होगी।
कभी गंभीर और चयनकर्ता से लिया था पंगा, अब बल्ले के साथ सुकून से क्यों सो रहा यह क्रिकेटर?
जी हां, भारत के लिए 12 वन-डे और तीन टी-20 मैच खेल चुके मनोज तिवारी ने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 303 रन की पारी खेली। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, 'मेरे लिए यह बहुत अच्छी नींद वाली रात होगी। हैदराबाद के खिलाफ अपना पहला तिहरा शतक लगाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे इसके लिए बधाई दी और संदेश भेजे। मैं सभी को तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।'
It’s gonna be a gud night sleep for me tonight. Blessed to have scored my maiden triple hundred in first class cricket today against hyderabad 👍 Want to thank of all of u who all have sent their love nd wishes for me. Really appreciate it from the bottom of my heart 💓🤙 pic.twitter.com/jVc6NBXcEK
दरअसल, तिवारी ने 414 गेंदों में नाबाद 303 रन बनाए, जिसमें 30 चौके और पांच छक्के शामिल हैं। मनोज ने 10 घंटे 30 मिनट तक क्रीज पर डटकर बल्लेबाजी की। तिवारी के आखिरी 50 रन सिर्फ 37 गेंदों में बने। उनका तिहरा शतक पूरा होते ही बंगाल ने पहली पारी सात विकेट पर 635 रन पर घोषित की।
बता दें कि राष्ट्रीय चयनकर्ता से भिड़ चुके तिवारी ने भारत के लिए अपना आखिरी वन-डे साल 2015 में खेला था। वहीं, 2012 में उन्होंने अपना आखिरी टी-20 मैच खेला था। विवादों से पुराना रिश्ता रखने वाले तिवारी ने हाल ही में राष्ट्रीय चयनकर्ता देवांग गांधी को बंगाल टीम के ड्रेसिंग रूम में प्रवेश करने से रोका था। इसके बाद वह विवादों के घेरे में आ गए थे।
इससे पहले मनोज तिवारी साल 2005 में दिल्ली के दिल्ली के फिरोज शाह कोटला (अब अरुण जेटली स्टेडियम) मैदान पर गौतम गंभीर से भिड़ गए थे। इतना ही नहीं गुस्से में गंभीर ने तिवारी को बाहर मिलने की धमकी भी दे डाली थी।