कभी सुना है रन आउट पर विवाद, लेकिन यहां हुआ है ऐसा
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क्रिकेट मुकाबलों में बल्लेबाज कई तरह से आउट होते हैं और कई बार बल्लेबाजों के आउट होने पर विवाद भी होते हैं। पहले मैदानी अंपायर अपने विवेक से फैसला दिया करते थे। कई मौकों पर अंपायरों के कुछ फैसलों पर विवाद उठे और उन पर पक्षपात करने के आरोप भी लगे। इसके बाद आईसीसी ने अंपायरों के फैसलों में कम गड़बड़ी हो इसके थर्ड अंपायर की व्यवस्था की।
बाद में आईसीसी ने फैसले की समीक्षा यानी कि डीआरएस भी लागू कर दिया। इसके बाद मैदानी अंपायरों के आउट संबंधी फैसले पर गलती की संभावना कम हो गई। कई बार डीआरएस नहीं होने पर या कुछ मामलों में संशय होने पर मैदानी अंपायर अपने स्तर पर थर्ड अंपायर से फैसला मांग लेते हैं जिससे गलत फैसलों में कमी आई है।
रन आउट, कैच आउट और बल्लेबाज के बोल्ड होने जैसे फैसलों पर मैदानी अंपायर थोड़ा-बहुत शक होने पर फैसले के लिए थर्ड अंपायर के पास भेज देते हैं। थर्ड अंपायर टीवी रिप्ले को कई बार देखकर बेहद इत्मीनान होकर अपना फैसला देता है जो अमूमन सही होता है और सभी पक्ष स्वाकर भी कर लेते हैं, लेकिन बुधवार को खेले गए एक वनडे मुकाबले में रन आउट के संबंध में थर्ड अंपायर के फैसले पर ही विवाद हो गया और इस फैसले पर विपक्षी टीम ने अंपायर से लंबी बहस भी की।
विकेटकीपर की चूक से हुआ रन आउट फैसले पर विवाद
रन आउट पर थर्ड अंपायर के फैसले पर शायद ही कभी विवाद हुआ हो, लेकिन बुधवार को मीरपुर में बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में एक दिलचस्प वाकया हुआ। जिसमें दोनों टीमों को खुशी मिली लेकिन यह खुशी मेहमान टीम के पास ज्यादा देर तक टिकी नहीं रह सकी।
यह पूरा मामला हुआ बांग्लादेश की पारी के 45वें ओवर में। तेज गेंदबाज ग्रीम क्रीमर के इस ओवर की अंतिम गेंद महमुदुल्लाह ने कवर की दिशा में खेला और एक रन के लिए दौड़ गए जबकि उनका साथी बल्लेबाज और टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा रन लेने को तैयार नहीं था क्योंकि गेंद सीधे क्षेत्ररक्षक के पास जा रही थी। महमुदुल्लाह तेजी से दौड़ते हुए आधी पिच पार कर चुके थे इस बीच वह वापस लौटना चाहते थे लेकिन जिम्बाब्वे के फील्डर ने सीधे थ्रो कर बल्लेबाज को रन आउट कर दिया।
बल्लेबाज अपनी क्रीज से काफी दूर था और अंपायर ने रन आउट दे दिया। रन आउट होकर बल्लेबाज पवेलियन की ओर चल दिया। इस बीच टीवी रिप्ले पर कुछ ऐसा दिखा कि अंपायर को रन आउट पर शक हुआ और बल्लेबाज को मैदान से बाहर जाने से रोक दिया। अंपायर ने फैसले के थर्ड अंपायर के राय मांगी।
टीवी रिप्ले में दिखा कि जब तक थ्रो आता मेहमान टीम के विकेटकीपर चकावा दौड़ते हुए विकेट के पास आ गए। वह विकेट के इतने करीब आ गए कि उनके ग्लव्स से एक वेल्स गिर गई और इसके गिरते ही फील्डर की ओर से थ्रो की गई गेंद ने स्टंप्स पर टकरा गई। नियम के अनुसार बल्लेबाज रन आउट तभी होगा जब वेल्स विकेट पर लगी हो।
रनआउट से बचे लेकिन रन आउट से ही गंवाया विकेट, देखें वीडियो
जिम्बाब्वे के विकेटकीपर चकावा ने जानबूझकर वेल्स नहीं गिराई थी तेजी से विकेट के करीब आने के चक्कर में वह अनजाने में वेल्स गिरा बैठे। थर्ड अंपायर ने वेल्स गिरे होने के कारण बल्लेबाज को रन आउट करार नहीं दिया। वेल्स गिर जाने के बाद थर्ड अंपायर ने गेंदबाज की नो बॉल को चेक किया जो सही था।
बल्लेबाज के नाबाद होने के बाद विकेटकीपर ने गेंद फिर से मंगाई और विकेट उखाड़कर रनआउट की मांग की, जो कि उस समय गेंद डेड हो चुकी थी। इस तरह से थर्ड अंपायर ने आधी पिच पर खडे़ रह गए बल्लेबाज को नॉटआउट करार दे दिया। इस फैसले से जिम्बाब्वे की टीम खुश नहीं थी जबकि दर्शकों को इस फैसले से मजा आ गया और जमकर ताली बजाई। बाउंड्री के पास फैसले का इंतजार कर रहे महमुदुल्लाह को वापस बुला लिया गया।
जब यह सब कुछ हुआ उस समय महमुदुल्लाह 32 रन पर खेल रहे थे और अपनी पारी में वह 20 रन और जोड़कर आउट हो गए। दिलचस्प यह रहा कि वह 52 के स्कोर पर रन आउट हुए। इस बार उनके रन आउट पर कोई विवाद नहीं हुआ।
बांग्लादेश ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 276 रन बनाए जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 43.3 ओवर में 215 रन पर आउट हो गई। बांग्ला टीम 61 रन से जीत लिया। साथ ही सीरीज पर क्लीन स्वीप भी कर लिया।
रन आउट के विवादित फैसले पर देखें, पूरा वीडियो-