मुंबई की तरफ से खेलने वाले उत्तर प्रदेश के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को उनके बेस प्राइस से अधिक की रकम में आईपीएल 2020 के लिए खरीद लिया गया है। कोलकाता में गुरुवार को हुई नीलामी में इस युवा बल्लेबाज को राजस्थान रॉयल्स ने अपनी टीम में शामिल किया। उन्हें लंबी बोली के बाद दो करोड़ और और 40 लाख रुपये में ख़रीदा गया।
IPL 2020 Auction: कभी मुंबई में बेचे थे गोलगप्पे, अब राजस्थान ने करोड़ों रुपये में खरीदा
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अंदर-19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा यशस्वी ने तेजी से अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने कम ही समय में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से पहचान बनाई है।
The youngest ever to hit a double hundred in List A cricket 💯💯
— Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) December 19, 2019
Yashasvi Jaiswal AKA wonder kid, welcome to the Indian Premier League🤗#IPLAuction #YashasviIsARoyal pic.twitter.com/7bnmYKTuMw
यशस्वी ने इस साल घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया था, उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2019 में मुंबई की तरफ से खेलते हुए एक दोहरा शतक सहित तीन शतकों की मदद से पांच मैचों में 500 से अधिक रन बनाए थे। उन्होंने इसी साल झारखंड के खिलाफ 149 गेंदों में अपना पहला दोहरा शतक लगाया और सबसे कम उम्र में ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। इतना ही नहीं वे विजय हजारे ट्रॉफी की एक पारी में सबसे ज्यादा 12 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे।
पेट पालने के लिए रामलीला में बेचे गोलगप्पे
यशस्वी की एक और बड़ी बात यह है कि उन्होंने इतने दर्द सिर्फ इसलिए सहे ताकि उनके संघर्ष की कहानी कभी भदोही तक न पहुंचे, जिससे उनका क्रिकेट करियर खत्म हो जाए।
यशस्वी अपना पेट पालने के लिए आजाद मैदान में राम लीला के दौरान पानी-पूरी (गोलगप्पे) और फल बेचने में मदद करते थे। मगर ऐसे भी दिन थे, जब उन्हें खाली पेट सोना पड़ता था क्योंकि जिन ग्राउंड्समैन के साथ वह रहते थे, वह आपस में लड़ाई करते थे और खाना नहीं बनाते थे।
सचिन ने गिफ्ट किया अपना बल्ला
सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और यशस्वी जायसवाल दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं। इन दोनों की दोस्ती बेंगलुरु में स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में हुई थी। उस वक्त अर्जुन और यशस्वी दोनों एक ही कमरे में रहते थे। एक बार अर्जुन ने यशस्वी की मुलाक़ात अपने पिता से करवाई थी। वे साल 2018 में यशस्वी को अपने घर ले गए और उन्हें सचिन तेंदुलकर से मिलवाया कजिसके बाद मास्टर ब्लास्टर भी उनके फैन हो गए।
पहली ही मुलाकात में सचिन ने यशस्वी से प्रभावित होकर उन्हें अपना बल्ला गिफ्ट में दे दिया। यही नहीं सचिन ने यशस्वी से अपने डेब्यू मैच में उसी बल्ले से खेलने की गुजारिश भी की।