भारत के स्टार तेज गेंदबाज और अपनी इनस्विंग के लिए मशहूर भुवनेश्वर कुमार आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। आईपीएल 2020 में चोट की वजह से टीम इंडिया से बाहर चल रहे भुवनेश्वर तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अपनी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी से भी टीम की जीत में अहम भूमिकाएं निभाई है।
फिलहाल वह चोट से उबरने की कोशिश में हैं और टीम इंडिया में जोरदार वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन उन्हें आज भी वह दिन याद है जब 1999 वर्ल्ड कप के दौरान भारत की जीत पर उनके आंसू छलक गए थे।
भुवी ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘मुझे याद है जब मैं 1999 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप का मुकाबला देख रहा था। मैं अपनी बहन के साथ यह मैच देख रहा था और हम उस वक्त हार गए थे, उस दिन मैं बहुत रोया था। मैं उस पल को कभी नहीं भूल सकता, क्योंकि तभी मुझे महसूस हुआ कि मुझमें इस खेल के प्रति कितना उत्साह और जोश है।’
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bhuvneshwar kumar
- फोटो : File
भुवनेश्वर कुमार ने 17 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी से प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया था। इसके बाद 2009 में 19 साल की उम्र में वे तब चर्चा में आए जब उन्होंने रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में दिग्गज सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट कर दिया। तब वह रनों के बादशाह सचिन को प्रथम श्रेणी में पहली बार शून्य पर आउट करने वाले पहले खिलाड़ी बने।
बता दें कि भुवनेश्वर अभी तक भारत की तरफ से 178 अंतरराष्ट्रीय मैच (21 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20) खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने कुल 236 विकेट (63 टेस्ट, 132 वनडे, 41 टी-20) चटकाए हैं। यही नहीं वे बल्लेबाजी में भी 1101 रन बना चुके हैं, इसमें उन्होने टेस्ट में तीन और वनडे में एक अर्धशतकीय पारी खेली है।