वेस्टइंडीज दौरे पर गई भारतीय टीम का खेल अपने चरम पर है। टी-20, वन-डे सीरीज में सूपड़ा साफ करने के बाद टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया कैरेबियाई चीतों को उन्हीं के घर में ढेर कर रही है। पहला टेस्ट चौथे दिन ही जीत लिया और अब दूसरा आखिरी टेस्ट 30 अगस्त से जमैका में खेला जाना है। इन सीरीज में भारतीय जांबाजों ने जो खेल दिखाया वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
किसी भी खिलाड़ी के लिए अपनी फिटनेस को बनाए रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। टेस्ट क्रिकेट आपकी फिटनेस का कड़ा इम्तिहान लेता है। 5 दिन तक चलने वाले इस खेल में प्रतिदिन 3 सत्र होते हैं। इन सत्रों को खिलाड़ियों के आराम के लिए रखा जाता है।
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हरभजन सिंह और सुरेश रैना
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टेस्ट के पहले 2 घंटे के खेल के बाद खिलाड़ियों को लंच ब्रेक मिलता है। इसके बाद खिलाड़ी फिर 2 घंटे खेलते हैं, जिसके बाद खिलाड़ी चाय के लिए जाते हैं। इसके बाद फिर करीब ढाई घंटे का खेल होता है। इतनी देर तक मैदान में लगातार बने रहने के लिए जरूरी है कि खिलाड़ियों को उचित खान-पान मिले।
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लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है कि खिलाड़ी क्या खाकर सुबह मैदान पर उतरते हैं। टेस्ट मैच के दौरान खिलाड़ियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट होता है। पूरे दिन तरोताजा और स्फूर्ति के रखने के लिए खिलाड़ी सुबह दूध के साथ सीरियल, पास्ता और फल लेते हैं। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी मीट, सलाद, जैम या पीनट बटर के साथ सैंडविच भी खाते हैं।
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पहले सत्र के बाद खिलाड़ी लंच के लिए जाते हैं। लंच में खिलाड़ियों को 3 से 5 व्यंजन परोसे जाते हैं। इसमें विभिन्न तरह की रोटियों के साथ हरी सब्जियां, भूने हुए आलू, दाल प्रमुख होते हैं। जो खिलाड़ी मांस खाना पसंद करते हैं उनके लिए चिकन, लैम्ब और फिश भी होती है। इसके अलावा ज्यादातर खिलाड़ियों की पसंदीदा आइसक्रीम भी सर्व की जाती है।
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नयन मोंगिया
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पूर्व क्रिकेटर नयन मोंगिया ने एक इंटरव्यू में कहा, यह खिलाड़ी तय करता है कि उसे क्या खाना है। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि अगल सत्र में खिलाड़ी मैदान में जाएगा या नहीं। जो खिलाड़ी उस सत्र में बल्लेबाजी करते हैं, वो ज्यादातर फल या प्रोटीन बार खाते हैं। खिलाड़ी जो भी खाते हैं, उसमें फैट कम और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है।