चल गया कप्तान गौतम गंभीर का बल्ला, पर शतक से चूक गए
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टीम इंडिया से बाहर होने के बाद कई बड़े क्रिकेटरों के टीम में वापसी का सबसे बड़ा माध्यम रणजी ट्रॉफी है जिसके सहारे वे फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापस लौट सकते हैं।
कल ही टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 'खास' दोस्त रवींद्र जडेजा ने लाजवाब खेल दिखाते हुए मैच में एक अर्धशतक लगाने के अलावा कुल 13 विकेट झटके थे। साथ ही वह लगातार 2 मैचों में 24 विकेट निकाल चुके हैं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए एक बार फिर टीम इंडिया में वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं।
हालांकि जडेजा की तरह पंजाब की ओर से खेलते हुए युवराज सिंह किस्मतवाले नहीं रहे और वह मुंबई के खिलाफ मैच में नाकाम हो गए। लेकिन दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर ने एक अन्य मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी की और टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाल दिया लेकिन शतक से मात्र 4 रन से दूर रह गए।
236 गेंद खेलने के बाद 4 रन से चूके गंभीर
दिल्ली में खेले जा रहे रणजी के ग्रुप-बी के एक मुकाबले में इशांत शर्मा के छह विकेट की बदौलत दिल्ली ने विदर्भ को पहली पारी में 293 रन पर रोक दिया था। इसके बाद कप्तान गौतम गंभीर के शानदार 96 रनों की पारी की बदौलत दिल्ली 302 रन बनाकर आउट हो गई। गंभीर ने 236 गेंदों की अपनी पारी में 12 चौके भी लगाए। कप्तान के अलावा नीतिश राणा ने भी 61 रनों की पारी खेली। पुछल्ले बल्लेबाज मनन शर्मा के 53 रनों की साहसिक पारी के दम पर टीम ने पहली पारी के आधार पर 9 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
खेल समाप्त होने तक विदर्भ ने 4 विकेट खोकर 47 रन बनाए। इसमें दिल्ली के प्रदीप सांगवान ने 2 विकेट जबकि इशांत शर्मा और मनन शर्मा ने 1-1 विकेट झटके।
वहीं, इंदौर में खेले जा रहे एक अन्य मुकाबले में तमिलनाडु ने मध्य प्रदेश के खिलाफ अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 596 रनों पर घोषित कर दी है। उसकी ओर से मध्य क्रम के बल्लेबाज जे कौशिक ने 151 और मालोलन रंगराजन ने 131 रनों का योगदान दिया। मध्य प्रदेश ने अपनी पारी शुरू की और दिन का खेल समाप्त होने तक बिना कोई विकेट खोए 181 रन बनाए।
बंगलौर में खेले जा रहे मैच कर्नाटक ने बंगाल के खिलाफ 9 विकेट पर 537 रन के साथ पारी की घोषणा की। जवाब में बंगाल ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर 58 रन बनाए। इससे पहले बंगाल की टीम पहली पारी में 312 रन ही बना पाई थी।
युवराज सिंह के पास है आज लंबी पारी खेलने का चांस
दूसरी ओर, मुंबई में खेले जा रहे मुकाबले में उदीयमान श्रेयष अय्यर (200) के एकमात्र दोहरे शतक और कप्तान आदित्य तारे (नाबाद 137) के नाबाद शतक की बदौलत मुंबई ने मैच में अपनी पकड़ बना ली है। खेल के तीसरे दिन मुंबई ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 569 रन बनाकर घोषित कर दी।
अय्यर ने 175 गेंदों में 25 चौकों और पांच छक्कों की मदद से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया चौथा सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा। इस फेहरिस्त में रवि शास्त्री 1985 में बड़ौदा के खिलाफ मुंबई के लिए 123 गेंदों में और वीरेंद्र सहवाग 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए 168 गेंदों में दोहरा शतक जड़ चुके हैं। अय्यर 292 मिनट तक क्रीज पर रहे।
इसके बाद पंजाब ने दूसरी पारी में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 244 रन बनाए। युवराज सिंह दूसरी पारी में मात्र 14 रन ही बना सके। वहीं, जीवनजोत सिंह ने 91 रन बनाए।
पहली पारी में नाकाम रहने के बाद कप्तान युवराज सिंह के पास दूसरी पारी में बड़ी पारी खेलने का मौका है जिससे टीम पर हार का संकट टाला जा सके।