{"_id":"691d3891d0d4981de80f3d66","slug":"coach-is-not-playing-out-there-robin-uthappa-defends-gautam-gambhir-amid-pitch-controversy-2025-11-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'कोच थोड़ी जाकर खेल रहा है': पिच विवाद के बीच गंभीर को मिला समर्थन, इस पूर्व क्रिकेटर ने आलोचकों को दिया जवाब","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
'कोच थोड़ी जाकर खेल रहा है': पिच विवाद के बीच गंभीर को मिला समर्थन, इस पूर्व क्रिकेटर ने आलोचकों को दिया जवाब
Wed, 19 Nov 2025 08:55 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 19 Nov 2025 08:55 AM IST
सार
उथप्पा ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी को सवालों के घेरे में लाया जा सकता है, तो किसी भी कोच को ट्रोल करना अब आम बात हो गई है।
विज्ञापन
गौतम गंभीर
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच ने क्रिकेट जगत में बड़ी बहस छेड़ दी है। 124 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों का अचानक ढह जाना और तीन दिन में मैच का खत्म हो जाना कई सवाल छोड़ गया। इसी बीच पिच को लेकर विवाद गहराया, जहां कई विशेषज्ञों ने टीम मैनेजमेंट पर उंगली उठाई। भारत के कोच गौतम गंभीर ने बयान दिया कि टीम को वही विकेट मिला जिसकी उन्होंने मांग की थी और पिच में ऐसा कुछ नहीं था जो ‘अनप्लेएबल’ कहा जाए।
विज्ञापन
Trending Videos
हरभजन ने सवाल उठाए, पर उथप्पा ने किया गंभीर का समर्थन
जहां पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने पिच चयन को लेकर टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए, वहीं पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने गंभीर का मजबूती से पक्ष लिया। उथप्पा ने साफ कहा कि हार के लिए कोच को जिम्मेदार ठहराना सरासर गलत है। उन्होंने एक लाइव सेशन में कहा, 'कोच थोड़ी जा कर खेल रहा है अंदर।' उथप्पा ने यह भी कहा कि नतीजों से सीधे कोच को दोष देना उचित नहीं है।
जहां पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने पिच चयन को लेकर टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए, वहीं पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने गंभीर का मजबूती से पक्ष लिया। उथप्पा ने साफ कहा कि हार के लिए कोच को जिम्मेदार ठहराना सरासर गलत है। उन्होंने एक लाइव सेशन में कहा, 'कोच थोड़ी जा कर खेल रहा है अंदर।' उथप्पा ने यह भी कहा कि नतीजों से सीधे कोच को दोष देना उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रॉबिन उथप्पा
- फोटो : ANI
'द्रविड़ को ट्रोल कर सकते हो, फिर किसी को भी कर सकते हो’
उथप्पा ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी को सवालों के घेरे में लाया जा सकता है, तो किसी भी कोच को ट्रोल करना अब आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि इतने हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन लोग फिर भी द्रविड़ जैसे दिग्गजों पर अंगुलियां उठाते हैं। उथप्पा ने कहा, 'हम नतीजों को देख रहे हैं और कोच को दोष दे रहे हैं, लेकिन आपको समग्र परिदृश्य को देखना होगा। जब उन्होंने राहुल द्रविड़ की आलोचना की, तो मुझे यह बात समझ नहीं आई। 20-30 हज़ार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं है। इसलिए, अगर उन्हें ट्रोल किया जा सकता है, तो किसी को भी ट्रोल किया जा सकता है।'
उथप्पा ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी को सवालों के घेरे में लाया जा सकता है, तो किसी भी कोच को ट्रोल करना अब आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि इतने हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन लोग फिर भी द्रविड़ जैसे दिग्गजों पर अंगुलियां उठाते हैं। उथप्पा ने कहा, 'हम नतीजों को देख रहे हैं और कोच को दोष दे रहे हैं, लेकिन आपको समग्र परिदृश्य को देखना होगा। जब उन्होंने राहुल द्रविड़ की आलोचना की, तो मुझे यह बात समझ नहीं आई। 20-30 हज़ार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं है। इसलिए, अगर उन्हें ट्रोल किया जा सकता है, तो किसी को भी ट्रोल किया जा सकता है।'
घरेलू क्रिकेट में पिचों को लेकर अलग नियम क्यों?
उथप्पा ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पिचों के बीच दोहरे मानदंड को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा, 'हमने घरेलू टूर्नामेंट्स में तटस्थ क्यूरेटर बुलाए और नियंत्रित किया कि हम किस तरह के विकेट तैयार करने वाले हैं। क्योंकि अगर कोई मैच दो दिन में खत्म हो जाता था, तो ग्राउंड्समैन और एसोसिएशन को फटकार लगाई जाती थी। लेकिन यहां तो मैच ढाई दिन में खत्म हो रहे हैं। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में आप इस तरह के विकेटों को मना कर देते हैं।'
उथप्पा ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पिचों के बीच दोहरे मानदंड को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा, 'हमने घरेलू टूर्नामेंट्स में तटस्थ क्यूरेटर बुलाए और नियंत्रित किया कि हम किस तरह के विकेट तैयार करने वाले हैं। क्योंकि अगर कोई मैच दो दिन में खत्म हो जाता था, तो ग्राउंड्समैन और एसोसिएशन को फटकार लगाई जाती थी। लेकिन यहां तो मैच ढाई दिन में खत्म हो रहे हैं। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में आप इस तरह के विकेटों को मना कर देते हैं।'
'घरेलू स्तर पर स्पिन खेलना होगा'
उथप्पा ने कहा, 'रणजी में टर्निंग ट्रैक्स बनाने को हतोत्साहित किया जाता है। अगर आप लगातार टर्निंग पिच तैयार भी कर रहे हैं, जहां तीसरे और चौथे दिन काफी टर्न होगा, तो भी आप ऐसे बल्लेबाज तैयार कर सकते हैं जो स्पिन के खिलाफ अच्छा खेल सकें। पिछले 10 वर्षों में हमें ऐसा करने से रोका गया है और आप खिलाड़ियों को स्पिन को अच्छी तरह से न खेलने के लिए फटकार लगा रहे हैं। अगर खिलाड़ी घरेलू स्तर पर स्पिन नहीं खेलेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे टिक पाएंगे?'
उथप्पा ने कहा, 'रणजी में टर्निंग ट्रैक्स बनाने को हतोत्साहित किया जाता है। अगर आप लगातार टर्निंग पिच तैयार भी कर रहे हैं, जहां तीसरे और चौथे दिन काफी टर्न होगा, तो भी आप ऐसे बल्लेबाज तैयार कर सकते हैं जो स्पिन के खिलाफ अच्छा खेल सकें। पिछले 10 वर्षों में हमें ऐसा करने से रोका गया है और आप खिलाड़ियों को स्पिन को अच्छी तरह से न खेलने के लिए फटकार लगा रहे हैं। अगर खिलाड़ी घरेलू स्तर पर स्पिन नहीं खेलेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे टिक पाएंगे?'