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बीसीसीआई का एक्शन: साहा को धमकी देने के मामले में बोरिया मजूमदार पर कार्रवाई, बोर्ड ने लगाया दो साल का बैन
Wed, 04 May 2022 04:01 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 04 May 2022 04:01 PM IST
सार
साहा को भारत की टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर मजूमदार ने उनसे इस मामले पर बात करनी चाही थी, लेकिन साहा के मना करने पर मजूमदार भड़क गए थे और कभी इंटरव्यू न करने की धमकी दी थी।
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ऋद्धिमान साहा और बोरिया मजूमदार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को एक इंटरव्यू के लिए धमकाने वाले पत्रकार बोरिया मजूमदार पर बीसीसीआई ने दो साल का बैन लगा दिया है। बीसीसीआई ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति का गठन किया था। समिति ने इस मामले में मजूमदार को दोषी पाया था और अब उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। साहा को भारत की टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर मजूमदार ने उनसे इस मामले पर बात करनी चाही थी, लेकिन साहा के मना करने पर मजूमदार भड़क गए थे और कभी इंटरव्यू न करने की धमकी दी थी।
मजूमदार पर बैन लगने के बाद अब क्या?
1. मजूमदार मीडिया प्रतिनिधि के रूप में बीसीसीआई से जुड़े किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू मैच के दौरान स्टेडियम के अंदर नहीं जा सकेंगे और मैच के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।
2. किसी भी भारतीय खिलाड़ी का इंटरव्यू नहीं कर पाएंगे, जिसका नाम बीसीसीआई के पास दर्ज है।
3. बोरिया मजूमदार बीसीसीआई या उससे जुड़े सदस्यों की क्रिकेट सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसका मतलब है कि उन्हें एनसीए जैसी संस्थाओं में जाने और किसी खिलाड़ी बात करने की भी अनुमति नहीं होगी।
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मजूमदार पर बैन लगने के बाद अब क्या?
1. मजूमदार मीडिया प्रतिनिधि के रूप में बीसीसीआई से जुड़े किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू मैच के दौरान स्टेडियम के अंदर नहीं जा सकेंगे और मैच के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।
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2. किसी भी भारतीय खिलाड़ी का इंटरव्यू नहीं कर पाएंगे, जिसका नाम बीसीसीआई के पास दर्ज है।
3. बोरिया मजूमदार बीसीसीआई या उससे जुड़े सदस्यों की क्रिकेट सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसका मतलब है कि उन्हें एनसीए जैसी संस्थाओं में जाने और किसी खिलाड़ी बात करने की भी अनुमति नहीं होगी।
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क्या है मामला?
बीसीसीआई की तरफ से 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया गया था। लेकिन इसमें अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली। इसके बाद बोरिया मजूमदार ने साहा को व्हाट्सएप मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की, जिसपर साहा ने कोई जवाब नहीं दिया था। फिर उन्हें मजूमदार की तरफ से अंजाम भुगतने की धमकियां दी गईं। साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
साहा ने सबसे पहले ये ट्वीट किया था
बीसीसीआई की तरफ से 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया गया था। लेकिन इसमें अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली। इसके बाद बोरिया मजूमदार ने साहा को व्हाट्सएप मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की, जिसपर साहा ने कोई जवाब नहीं दिया था। फिर उन्हें मजूमदार की तरफ से अंजाम भुगतने की धमकियां दी गईं। साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
साहा ने सबसे पहले ये ट्वीट किया था
मजूमदार ने क्या कहा था?
मजूमदार ने साहा को मेसेज करते हुए लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।" बाद में मजूमदार ने लिखा था, "आपने फोन नहीं किया। मैं फिर कभी आपका इंटरव्यू नहीं करूंगा। मैं अपमान नहीं सहता और मैं इसे याद रखूंगा। ऐसा आपको नहीं करना चाहिए था।"
बोरिया मजूमदार ने फिर ये पोस्ट किया था
साहा ने इस बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किए थे। इसके बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने साहा का समर्थन किया और बीसीसीआई से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। बीसीसीआई ने तीन सदस्यों की समिति बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच की। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि बोरिया मजूमदार ही वो पत्रकार थे, जिन्होंने साहा को धमकी दी थी थी। साहा फिलहाल आईपीएल खेलने में व्यस्त हैं। वह गुजरात टाइटंस टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
मजूमदार ने साहा को मेसेज करते हुए लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।" बाद में मजूमदार ने लिखा था, "आपने फोन नहीं किया। मैं फिर कभी आपका इंटरव्यू नहीं करूंगा। मैं अपमान नहीं सहता और मैं इसे याद रखूंगा। ऐसा आपको नहीं करना चाहिए था।"
बोरिया मजूमदार ने फिर ये पोस्ट किया था
साहा ने इस बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किए थे। इसके बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने साहा का समर्थन किया और बीसीसीआई से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। बीसीसीआई ने तीन सदस्यों की समिति बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच की। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि बोरिया मजूमदार ही वो पत्रकार थे, जिन्होंने साहा को धमकी दी थी थी। साहा फिलहाल आईपीएल खेलने में व्यस्त हैं। वह गुजरात टाइटंस टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।