आईपीएल 2020 में अपनी यॉर्कर गेंदों से सनसनी मचाने वाले तेज गेंदबाज टी नटराजन अब एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कैनबरा में खेले गए तीसरे और आखिरी वन-डे में दमदार खेल से उन्होंने सभी का मन मोहा। मैच से पहले कप्तान कोहली के हाथों राष्ट्रीय टीम की टोपी लेने के बाद वे 232वें वन-डे खिलाड़ी और तमिलनाडु के केवल 5वें तेज गेंदबाज बने। नटराजन अब भारत की ओर से एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 11वें बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं।
सड़कों पर चिकन बेचकर मां ने बनाया क्रिकेटर, अब डेब्यू मैच में ही टीम इंडिया को दिलाई जीत
आखिरा मैच में टीम इंडिया की जीत में नटराजन का अहम योगदान रहा, उनके दोनों ही विकेट जीत के लिए बेहद अहम थे। मार्नश लाबुशेन को आउट कर उन्होंने सीरीज में पहली बार पावरप्ले में अपनी टीम को विकेट दिलाया तो 48वें ओवर में एश्टन एगर के रूप में ऐसे खिलाड़ी को आउट किया जो ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विशेषज्ञ बल्लेबाज थे। 29 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले नटराजन ने इससे पहले यूएई में खेले गए आईपीएल के 13वें सीजन में चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा थाा।
सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए नटराजन ने टूर्नामेंट में 60 से अधिक यॉर्कर गेंदें फेंकी। उन्होंने अपनी रफ्तार, डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी और सटीक लाइन लेंथ से सबको चौंकाया। नटराजन ने आईपीएल 2020 का पहला शिकार जहां विराट कोहली को बनाया वहीं खतरनाक बल्लेबाज एबी डीविलियर्स को अपनी यॉर्कर गेंद से बोल्ड कर खूब वाहवाही लूटी।
However he does today good or otherwise, the T. Natarajan story is so heart warming and encouraging. #IndiaDebut.
— Ian bishop (@irbishi) December 2, 2020
तमिलनाडु के चिन्नापामपट्टी गांव से निकलकर यूएई होते हुए ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक का नटराजन का सफर किसी खूबसूरत सपने के पूरा होने जैसा है। क्योंकि आईपीएल 2020 से पहले उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि वे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे या यूं कहें कि उन्हें टी-20 लीग में भी खेलने की कम ही उम्मीद रही होगी, लेकिन यूएई में खेले गए आईपीएल ने इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के भाग्य बदल दिए।
What a wonderful story, T. Natarajan making his #odi debut for India today. Dreams do come true! #AusvInd @Natarajan_91
बात करें नटराजन के करियर की तो वे 20 साल की उम्र तक टेनिस बॉल से खेलते रहे, उसके बाद उन्हें उनके गुरू जयप्रकाश की वजह से 2011 में टीएनसीए से चौथे डिवीजन क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने गुरू के सम्मान में आईपीएल में अपनी जर्सी पर जेपी नट्टू लिखवाया था।