विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम पहला टेस्ट मैच हारकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 1-0 से पिछड़ चुकी है। एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन की वजह से टीम को आठ विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन की समाप्ति पर 62 रनों की अहम बढ़त हासिल करने के बावजूद टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में आइए जानते हैं टीम इंडिया के हार के पांच प्रमुख कारण।
AUSvIND: इन पांच कारणों से हारी टीम इंडिया, वरना नहीं मिलती इतनी शर्मनाक हार
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सलामी बल्लेबाजों का फ्लॉप शो
रोहित शर्मा और शिखर धवन की गैरमौजूदगी में टीम ने पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल को सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी सौंपी लेकिन दोनों ही खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। पहली पारी में जहां इस जोड़ी ने कोई साझेदारी नहीं की वहीं दूसरी पारी में सात रन ही जोड़ पाई। पृथ्वी शॉ ने दोनों पारियों में चार तो मयंक अग्रवाल ने 26 रन बनाए।
विराट कोहली का रनआउट:
पहली पारी में टीम के कप्तान विराट कोहली शानदार लय में नजर आ रहे थे और अपने शतक की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन अजिंक्य रहाणे के एक गलत फैसले की वजह से उन्हें 74 रनों के स्कोर पर रनआउट होना पड़ा। विराट के आउट होने के बाद पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 56 रन पर छह विकेट गंवाकर 244 रन पर आउट हो गई।
मध्यक्रम को नहीं संभाल पाए पुजारा-रहाणे और विहारी
टीम इंडिया के भरोसेमंद खिलाड़ी और मध्यक्रम की ताकत इस मैच में कमजोर साबित हुई। अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने दोनों पारियों में 43 तो रहाणे ने 42 रन बनाए। दूसरी पारी में दोनों ही खिलाड़ी शून्य पर आउट हुए। इनके अलावा हनुमा विहारी भी दोनों पारियों में 24 रन ही बना पाए।
खराब फील्डिंग/कैच का छूटना:
पहली पारी में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की लेकिन फील्डरों ने उनका साथ नहीं दिया। टीम के खिलाड़ियों ने पहली पारी में 47 रन बनाने वाले मार्नस लाबुशेन को तीन जीवनदान दिए तो वहीं महत्वपूर्ण 73 रन बनाने वाले टिम पेन का भी आसान कैच छूटा।