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Cricket Dismissals: क्रिकेट में कितने तरीकों से आउट होता है बल्लेबाज, यह नियम तो सुना भी नहीं होगा
Sun, 12 Dec 2021 05:30 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 12 Dec 2021 05:30 PM IST
सार
क्रिकेट के खेल में एक बल्लेबाज 10 तरीके से आउट हो सकता है। अधिकतर बल्लेबाज कैच आउट होते हैं, जबकि बोल्ड और एलबीडब्ल्यू दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। अब तक सबसे कम बल्लेबाज फील्ड में बाधा डालने के कारण आउट हुए हैं।
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क्रिकेट में बल्लेबाज 10 तरीके से आउट हो सकते हैं
- फोटो : Reuters
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विस्तार
भारत के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट के बारे में अधिकतर लोगों के पास काफी जानकारी है, लेकिन क्रिकेट में बल्लेबाज के आउट होने के सभी 10 तरीकों के बारे में कम ही लोगों को पता है। पहले एक बल्लेबाज 11 तरीके से आउट हो सकता था, लेकिन नियमों में संशोधन के बाद अब एक बल्लेबाज के आउट होने के 10 तरीके हैं। क्रिकेट के इतिहास में अधिकतर बल्लेबाज कैच आउट हुए हैं। वहीं फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के चलते सबसे कम बल्लेबाज आउट हुए हैं। यहां हम आउट होने के सभी 10 तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
कैच आउट
जब गेंद किसी बल्लेबाज के बल्ले से लगती है और उसके मैदान में गिरने से पहले कोई फील्डर उसे पकड़ लेता है तो बल्लेबाज कैच आउट हो जाता है। क्रिकेट में आउट होने का यह सबसे सामान्य तरीका है। क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट कैच आउट के जरिए ही गिरे हैं। क्रिकेट के इतिहास में 58.6 फीसदी विकेट इसी तरीके से गिरे हैं। अधिकतर कैच विकेटकीपर के पास ही जाते हैं और विकेटकीपर ही सबसे ज्यादा कैच पकड़ते हैं। ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने सबसे ज्यादा 417 कैच पकड़े हैं।
बोल्ड
जब गेंदबाज गेंद को सीधे स्टंप पर मारने में सफल होता है और गिल्लियां बिखर जाती हैं, तब बल्लेबाज बोल्ड हो जाता है और उसे पवेलियन लौटना पड़ता है। यह आउट होने का दूसरा सबसे सामान्य तरीका है। क्रिकेट के इतिहास में 21.3 फीसदी विकेट इसी तरीके से गिरे हैं।
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पगबाधा (एलबीडबल्यू)
जब गेंदबाज के गेंद फेंकने के बाद बल्लेबाज अपने शरीर से गेंद को रोकता है और वह स्टंप्स के ठीक सामने होता है तो वह पगबाधा हो सकता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि गेंद स्टंप्स की तरफ जा रही हो और यह तय हो कि शरीर के बीच में न आने पर गेंद सीधे स्टंप्स में ही लगती। साथ ही बल्ले या बल्लेबाज के ग्लव्स का कोई हिस्सा इससे पहले गेंद से न लगा हो। 14.4 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट होते हैं। यह आउट होने का सबसे विवादित तरीका भी है। हालांकि हॉकआई, अल्ट्राएज और हॉट स्पॉट जैसी तकनीकि आने के बाद पगबाधा के फैसले ज्यादा सटीक आने लगे हैं और विवादों में कमी आई है।
रन आउट
जब बल्लेबाज गेंद खेलने के बाद विकेटों के बीच भागकर रन बना रहा होता है और उसके क्रीज में पहुंचने से पहले फील्डर गेंद को स्टंप्स में मारकर गिल्लियां बिखेर देता है, तब बल्लेबाज रन आउट हो जाता है। यह विकेट गेंदबाज के खाते में न जाकर टीम के खाते में जाता है। रन आउट के निर्णय भी काफी विवादित रहते थे और टेक्नोलॉजी आने के बाद तीसरा अंपायर रीप्ले देखकर ही रन आउट का फैसला करता है। 3.46 फीसदी विकेट इस तरीके से गिरते हैं।
स्टंपिंग
जब बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर निकलकर शॉट खेलने की कोशिश करता है और गेंद का संपर्क बल्ले से नहीं होता है तब विकेटकीपर गेंद को पकड़कर स्टंप्स की गिल्लियां बिखेर देता है। ऐसे में बल्लेबाज को स्टंप आउट करार दिया जाता है। आमतौर पर स्पिन गेंदबाज ही बल्लेबाजों को छकाकर स्टंप आउट करवाते हैं। अब तक 2.02 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं। भारत के महेन्द्र सिंह धोनी सबसे ज्यादा 123 स्टंपिंग करने वाले विकेटकीपर हैं।
हिट विकेट
जब शॉट खेलते समय बल्लेबाज का बल्ला या शरीर का कोई हिस्सा स्टंप्स में लग जाता है और गिल्लियां बिखर जाती हैं तो बल्लेबाज हिट विकेट आउट हो जाता है। 0.230 फीसदी विकेट इस तरीके से गिरते हैं।
फील्डिंग में बाधा पहुंचाने पर
जब कोई बल्लेबाज फील्डिंग कर रही टीम को जानबूझकर परेशान करता है और गेंद पकड़ने में बाधा पहुंचाता है तो उसे फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए आउट दिया जा सकता है। अगर बल्लेबाज मौखिक, सांकेतिक या फील्डर के रास्ते में आकर फील्डिंग में परेशानी डालता है तो उसे इस नियम के जरिए आउट दिया जा सकता है। अब तक 0.01 फीसदी खिलाड़ी इस तरीके से आउट हुए हैं।
दूसरी बार गेंद को मारने पर
जब कोई बल्लेबाज जानबूझकर गेंद को दूसरी बार मारने की कोशिश करता है तब भी उसे आउट दिया जा सकता है। अगर गेंद बल्लेबाज के बल्ले, शरीर या हेलमेट जैसे दूसरे उपकरण में लगी है और वह जानबूझकर उसे दूसरी बार मारने की कोशिश करता है तो अंपायर उसे आउट दे सकते हैं। अब तक 0.01 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं।
टाइम आउट
एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद नए बल्लेबाज को तीन मिनट के अंदर मैदान में आना होता है और अपनी जगह में पहुंचना होता है। अगर कोई बल्लेबाज इससे ज्यादा समय लेता है तो उसे टाइम आउट करार दिया जा सकता है। हालांकि बहुत कम बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं। अब तक सिर्फ छह बल्लेबाज टाइम आउट हुए हैं।
रिटायर्ड आउट
जब कोई बल्लेबाज अंपायर को बिना बताए मैदान से चला जाता है और उसके पास मैदान से बाहर जाने का कोई उचित कारण नहीं होता है तो अंपायर उसे रिटायर्ड आउट करार दे सकते हैं। आमतौर पर अभ्यास मैच में बल्लेबाज अच्छी पारी खेलने के बाद रिटायर हो जाते हैं ताकि टीम के बाकी खिलाड़ी भी बल्लेबाजी का अभ्यास कर सकें।
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कैच आउट
जब गेंद किसी बल्लेबाज के बल्ले से लगती है और उसके मैदान में गिरने से पहले कोई फील्डर उसे पकड़ लेता है तो बल्लेबाज कैच आउट हो जाता है। क्रिकेट में आउट होने का यह सबसे सामान्य तरीका है। क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट कैच आउट के जरिए ही गिरे हैं। क्रिकेट के इतिहास में 58.6 फीसदी विकेट इसी तरीके से गिरे हैं। अधिकतर कैच विकेटकीपर के पास ही जाते हैं और विकेटकीपर ही सबसे ज्यादा कैच पकड़ते हैं। ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने सबसे ज्यादा 417 कैच पकड़े हैं।
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बोल्ड
जब गेंदबाज गेंद को सीधे स्टंप पर मारने में सफल होता है और गिल्लियां बिखर जाती हैं, तब बल्लेबाज बोल्ड हो जाता है और उसे पवेलियन लौटना पड़ता है। यह आउट होने का दूसरा सबसे सामान्य तरीका है। क्रिकेट के इतिहास में 21.3 फीसदी विकेट इसी तरीके से गिरे हैं।
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पगबाधा (एलबीडबल्यू)
जब गेंदबाज के गेंद फेंकने के बाद बल्लेबाज अपने शरीर से गेंद को रोकता है और वह स्टंप्स के ठीक सामने होता है तो वह पगबाधा हो सकता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि गेंद स्टंप्स की तरफ जा रही हो और यह तय हो कि शरीर के बीच में न आने पर गेंद सीधे स्टंप्स में ही लगती। साथ ही बल्ले या बल्लेबाज के ग्लव्स का कोई हिस्सा इससे पहले गेंद से न लगा हो। 14.4 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट होते हैं। यह आउट होने का सबसे विवादित तरीका भी है। हालांकि हॉकआई, अल्ट्राएज और हॉट स्पॉट जैसी तकनीकि आने के बाद पगबाधा के फैसले ज्यादा सटीक आने लगे हैं और विवादों में कमी आई है।
रन आउट
जब बल्लेबाज गेंद खेलने के बाद विकेटों के बीच भागकर रन बना रहा होता है और उसके क्रीज में पहुंचने से पहले फील्डर गेंद को स्टंप्स में मारकर गिल्लियां बिखेर देता है, तब बल्लेबाज रन आउट हो जाता है। यह विकेट गेंदबाज के खाते में न जाकर टीम के खाते में जाता है। रन आउट के निर्णय भी काफी विवादित रहते थे और टेक्नोलॉजी आने के बाद तीसरा अंपायर रीप्ले देखकर ही रन आउट का फैसला करता है। 3.46 फीसदी विकेट इस तरीके से गिरते हैं।
स्टंपिंग
जब बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर निकलकर शॉट खेलने की कोशिश करता है और गेंद का संपर्क बल्ले से नहीं होता है तब विकेटकीपर गेंद को पकड़कर स्टंप्स की गिल्लियां बिखेर देता है। ऐसे में बल्लेबाज को स्टंप आउट करार दिया जाता है। आमतौर पर स्पिन गेंदबाज ही बल्लेबाजों को छकाकर स्टंप आउट करवाते हैं। अब तक 2.02 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं। भारत के महेन्द्र सिंह धोनी सबसे ज्यादा 123 स्टंपिंग करने वाले विकेटकीपर हैं।
हिट विकेट
जब शॉट खेलते समय बल्लेबाज का बल्ला या शरीर का कोई हिस्सा स्टंप्स में लग जाता है और गिल्लियां बिखर जाती हैं तो बल्लेबाज हिट विकेट आउट हो जाता है। 0.230 फीसदी विकेट इस तरीके से गिरते हैं।
फील्डिंग में बाधा पहुंचाने पर
जब कोई बल्लेबाज फील्डिंग कर रही टीम को जानबूझकर परेशान करता है और गेंद पकड़ने में बाधा पहुंचाता है तो उसे फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के लिए आउट दिया जा सकता है। अगर बल्लेबाज मौखिक, सांकेतिक या फील्डर के रास्ते में आकर फील्डिंग में परेशानी डालता है तो उसे इस नियम के जरिए आउट दिया जा सकता है। अब तक 0.01 फीसदी खिलाड़ी इस तरीके से आउट हुए हैं।
दूसरी बार गेंद को मारने पर
जब कोई बल्लेबाज जानबूझकर गेंद को दूसरी बार मारने की कोशिश करता है तब भी उसे आउट दिया जा सकता है। अगर गेंद बल्लेबाज के बल्ले, शरीर या हेलमेट जैसे दूसरे उपकरण में लगी है और वह जानबूझकर उसे दूसरी बार मारने की कोशिश करता है तो अंपायर उसे आउट दे सकते हैं। अब तक 0.01 फीसदी बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं।
टाइम आउट
एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद नए बल्लेबाज को तीन मिनट के अंदर मैदान में आना होता है और अपनी जगह में पहुंचना होता है। अगर कोई बल्लेबाज इससे ज्यादा समय लेता है तो उसे टाइम आउट करार दिया जा सकता है। हालांकि बहुत कम बल्लेबाज इस तरीके से आउट हुए हैं। अब तक सिर्फ छह बल्लेबाज टाइम आउट हुए हैं।
रिटायर्ड आउट
जब कोई बल्लेबाज अंपायर को बिना बताए मैदान से चला जाता है और उसके पास मैदान से बाहर जाने का कोई उचित कारण नहीं होता है तो अंपायर उसे रिटायर्ड आउट करार दे सकते हैं। आमतौर पर अभ्यास मैच में बल्लेबाज अच्छी पारी खेलने के बाद रिटायर हो जाते हैं ताकि टीम के बाकी खिलाड़ी भी बल्लेबाजी का अभ्यास कर सकें।