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Sachin Tendulkar: 2012 में BCCI ने ऐसा क्या कहा कि चौंक गए थे तेंदुलकर? इसके कुछ समय बाद ही ले लिया था संन्यास
Thu, 12 Mar 2026 02:44 PM IST
Swapnil Shashank
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Swapnil Shashank
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:44 PM IST
सार
2012 में खराब फॉर्म के दौरान बीसीसीआई चयन समिति ने सचिन तेंदुलकर से उनके भविष्य और संभावित रिप्लेसमेंट पर चर्चा की थी। इस बातचीत से सचिन चौंक गए थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया और एक साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के करियर का एक ऐसा दौर भी आया जब चयनकर्ताओं ने उनके भविष्य पर गंभीर चर्चा की। साल 2011 में विश्व कप जीतने के बाद सचिन का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और 2012 में उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में चयनकर्ताओं ने सचिन से बात की थी और कुछ ऐसा कहा था कि सचिन चौंक गए थे। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने पहले वनडे और फिर टेस्ट से संन्यास का एलान कर दिया था। आइए पूरी कहानी जानते हैं...
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एक-एक कर टीम के दिग्गजों का संन्यास
सचिन ने वनडे विश्वकप 2011 के बाद इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए आठ टेस्ट मैचों में 560 रन बनाए, जिसमें चार अर्धशतक शामिल थे। हालांकि, भारत को दोनों ही सीरीज में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उनके 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। इस दौर में भारतीय टीम के कई सीनियर खिलाड़ी भी संन्यास ले चुके थे। सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहले ही क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई थी कि अगला नंबर सचिन तेंदुलकर का हो सकता है। उम्र भी 39 साल हो चुकी थी और टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देने की बात उठने लगी थी।
सचिन ने वनडे विश्वकप 2011 के बाद इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए आठ टेस्ट मैचों में 560 रन बनाए, जिसमें चार अर्धशतक शामिल थे। हालांकि, भारत को दोनों ही सीरीज में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उनके 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। इस दौर में भारतीय टीम के कई सीनियर खिलाड़ी भी संन्यास ले चुके थे। सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहले ही क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई थी कि अगला नंबर सचिन तेंदुलकर का हो सकता है। उम्र भी 39 साल हो चुकी थी और टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देने की बात उठने लगी थी।
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संदीप पाटिल
- फोटो : PTI
चयन समिति ने की सचिन से सीधी बातचीत
तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष संदीप पाटिल ने एक इंटरव्यू में उस दौर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2012 में नागपुर टेस्ट के बाद सचिन से खास मुलाकात की गई थी। पाटिल ने कहा, 'मुझे याद है 2012 में नागपुर टेस्ट के आखिरी दिन हम सचिन से मिलने गए थे। मैंने उनसे पूछा- आगे की क्या योजना है? चयन समिति को लगा था कि अब हमें उनके रिप्लेसमेंट के बारे में सोचना चाहिए।'
तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष संदीप पाटिल ने एक इंटरव्यू में उस दौर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2012 में नागपुर टेस्ट के बाद सचिन से खास मुलाकात की गई थी। पाटिल ने कहा, 'मुझे याद है 2012 में नागपुर टेस्ट के आखिरी दिन हम सचिन से मिलने गए थे। मैंने उनसे पूछा- आगे की क्या योजना है? चयन समिति को लगा था कि अब हमें उनके रिप्लेसमेंट के बारे में सोचना चाहिए।'
'क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?'
जब पाटिल ने सचिन से उनके संभावित रिप्लेसमेंट की बात की तो मास्टर ब्लास्टर हैरान रह गए। पाटिल ने बताया, 'वह यह सुनकर चौंक गए। उन्होंने पूछा- क्यों? फिर मैंने कहा कि चयन समिति को लगता है कि अब हमें आपके रिप्लेसमेंट के बारे में सोचना चाहिए। बाद में उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा- क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?' पाटिल ने आगे कहा कि देशभर में इस फैसले को लेकर उनकी आलोचना हुई, लेकिन सचिन को टीम से कभी बाहर नहीं किया गया।
जब पाटिल ने सचिन से उनके संभावित रिप्लेसमेंट की बात की तो मास्टर ब्लास्टर हैरान रह गए। पाटिल ने बताया, 'वह यह सुनकर चौंक गए। उन्होंने पूछा- क्यों? फिर मैंने कहा कि चयन समिति को लगता है कि अब हमें आपके रिप्लेसमेंट के बारे में सोचना चाहिए। बाद में उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा- क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?' पाटिल ने आगे कहा कि देशभर में इस फैसले को लेकर उनकी आलोचना हुई, लेकिन सचिन को टीम से कभी बाहर नहीं किया गया।
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : IANS/BCCI
कुछ ही दिनों बाद लिया संन्यास का फैसला
पाटिल के मुताबिक, उस बातचीत के तुरंत बाद सचिन ने साफ कहा था कि वह अभी क्रिकेट जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया, 'उन्होंने मुझसे कहा- मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं। लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।' सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2012 में वनडे सीरीज शुरू होने से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। हालांकि, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक साल और खेला।
पाटिल के मुताबिक, उस बातचीत के तुरंत बाद सचिन ने साफ कहा था कि वह अभी क्रिकेट जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया, 'उन्होंने मुझसे कहा- मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं। लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।' सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2012 में वनडे सीरीज शुरू होने से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। हालांकि, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक साल और खेला।
शानदार करियर का ऐतिहासिक अंत
2013 में भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराया, लेकिन उस सीरीज में सचिन का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास लिया और फिर घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के साथ अपने 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 34,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए और टेस्ट क्रिकेट में 200 मैच खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने।
2013 में भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराया, लेकिन उस सीरीज में सचिन का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास लिया और फिर घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के साथ अपने 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 34,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए और टेस्ट क्रिकेट में 200 मैच खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने।