धनौरी वेटलैंड में बढ़ी चहचहाहट : 44 हजार मील तय कर पहुंचा यह शर्मीला पक्षी
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बढ़ती ठंड के साथ धनौरी वेटलैंड में पक्षियों की चहचहाहट बढ़ने लगी है। इस बार बहुतायत संख्या में व्यवहार में बेहद शर्मीले पक्षी ग्रेट बिटर्न भी यहां पहुंचे हैं। यह पक्षी कभी कभार ही रुख एनसीआर क्षेत्र की ओर करता है। इनकी संख्या करीब 35 के पास है।
हल्की भूरे रंग की ग्रेट बिटर्न पक्षी साइबेरियन आईलैंड के अलावा स्वीडन, फिनलैंड में रहते हैं। ऐसे में करीब 44 हजार मील की दूरी तय कर यह पक्षी यहां आए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि आम तौर यह पक्षी यहां प्रवास नहीं करते। यदि आते भी हैं तो इनकी संख्या 10 के आसपास ही रहती है।
जबकि इस बार इनकी संख्या 35 के पास है। इससे पक्षी प्रेमियों में भी खुशी है। करीब 81 सेंटीमीटर लंबे इन पक्षियों को आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि, इनके शर्मीले व्यवहार के कारण यह धनौरी की ऊंची झाड़ियों में ज्यादा रहते हैं। पक्षी विशेषज्ञ आनंद आर्या की मानें तो आम तौर पर यह पक्षी यहां नहीं आते, लेकिन वातावरण अनुकूल होने पर इस बार इन्होंने धनौरी को चुना है।
इनसे सहवास व ब्रीड की उम्मीद भी लगाई जा रही है
इनसे सहवास व ब्रीड की उम्मीद भी लगाई जा रही है। पक्षी विशेषज्ञ आनंद आर्या ने बताया कि इन पक्षियों को छोटी मछली, शेवाल, कीट मकोड़े के अलावा झील में तैरने वाले कीट पसंद हैं। धनौरी में इनकी संख्या अधिक है।
से में अनुकूलता के साथ इनको पर्याप्त भोजन भी यहां मिल रहा है। उधर, ओखला पक्षी विहार में भी पक्षियों का आना जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि ग्रेट बिटर्न की कुछ प्रजाति ओखला पक्षी विहार में भी प्रवास कर सकते हैं। पक्षी की खासियत है कि यह ज्यादातर अकेले में रहना पसंद करता है। विशेषकर भोजन की तलाश अकेले ही करता है।
2002 के बाद भारत में दिखा पक्षी
विशेषज्ञ आनंद आर्या ने बताया कि ग्रेट बिटर्न पक्षी 2002 में भारत में दिखा था। इसके बाद अब 2016 में देखा गया है। पक्षी का रुख भारत की तरफ होना खुशी की बात है।