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जमीयत के मंच पर गुलाम नबी ने आईएस से की RSS की तुलना

Sun, 13 Mar 2016 10:29 AM IST
नवनीत शरण/अमर उजाला, नई दिल्ली
नवनीत शरण/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 13 Mar 2016 10:29 AM IST
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"We have not been able to take the liberty to Congress, we set up the Party '
जमीयत उलेमा-ए-हिंद एकता कॉंफ्रेंस

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एकता कॉंफ्रेंस में ना केवल भाजपा, आरएसएस पर निशाना साधा गया बल्कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में उसे भी कटघरे में खड़ा किया गया। साफ तौर पर कहा गया कि हमने कांग्रेस को खड़ा किया है।

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जबतक कांग्रेस ने पूर्ण आजादी की बात नहीं की तब तक हमने उनका साथ नहीं दिया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को भी कॉंफ्रेंस में आड़े हाथ लिया गया। मंच पर मणिशंकर अय्यर को भी खास तरजीह नहीं दी गई और उन्हें सिर्फ एक मिनट ही बोलने का वक्त दिया गया।
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मौलाना मदनी ने कहा कि कांग्रेस का जन्म तो बहुत बाद में हुआ। देश के मुसलमानों ने कांग्रेस के जन्म के पहले से आजादी की लड़ाई लड़ी। पहले स्वतंत्रता संग्राम में दिल्ली व मुरादाबाद में हजारों की तादाद में कुर्बानी दी है। कांग्रेस ने जब मुकम्मल आजादी की बात की तब जमीयत उनके साथ हुआ। 

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'मुल्क हिंदू राज्य होता तो हम अलग होते'

"We have not been able to take the liberty to Congress, we set up the Party '
मौलाना मदनी

हमारी आजादी की लड़ाई पिछले 25 साल की नहीं 150 साल की है। दिल्ली में 33 हजार मुसलमान आजादी के लिए गाजर-मूली की तरह कट गए, मुरादाबाद में इतने लोग शहीद हुए कि वहां की मिट्टी लाल हो गई थी। मुल्क हिंदू राज्य होता तो हम अलग होते।

हम अगर नहीं होते तो कांग्रेस देश को आजाद नहीं करा पाती। हमने मुट्ठी में लिया कांग्रेस को। किताबें मौजूद है पढ़ो। हमने देश को सेक्यूलर बनाया। दहशतगर्द तो दहशतगर्द है वो ना हिंदू है और ना मुसलमान है।

सम्मेलन का समापन करते हुए मदनी ने कहा कि देश की एकता व अखंडता के लिए मुसलमान व दलित एकजुट हो जाए। हम किसी विशेष पार्टी का समर्थन नहीं करते है।

गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने में जुटे है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पर भी निशाना  साधा गया। कहा गया कि उनका दिल साफ नहीं है। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की तारीफ की गई।

चाचा-भतीजा एकता कॉंफ्रेंस में एक मंच पर आए

"We have not been able to take the liberty to Congress, we set up the Party '
जमीयत उलेमा-ए-हिंद एकता कॉंफ्रेंस

जमीयत के एकता कॉंफ्रेंस में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुट एक मंच पर दिखें। मौलाना अरशद मदनी की अध्यक्षता में आयोजित कॉंफ्रेंस में अलग हुए भतीजे मौलाना महमूद मदनी भी शरीक हुए।

इनके साथ कार्यक्रम में मदनी के जीजा कारी उस्मान मंसूरी भी शरीक हुए। एकता कॉंफ्रेंस के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि फिरकापरस्तों की लड़ाई में अब चचा-भतीजा कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई में शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम में देशभर के मुसलमानों ने शिरकत की। दोनों धड़ों के समर्थक भी एक साथ आयोजन स्थल पर दिखें। हालांकि भतीजा महमूद मदनी ज्यादा देर तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नहीं रहे। तकरीर के बाद वह चले गए।

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