सपा के विघटन से दूसरे दल खुश, अपनी-अपनी सरकार बनाने का कर रहे हैं दावा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा में चले परिवार द्वंद्व को लेकर रविवार को पूरे दिन सभी राजनैतिक पार्टियों से जुड़े लोग लखनऊ संपर्क साधते रहे तो कुछ लोग टेलीविजन पर ही पल-पल की खरब लेते रहे। सपा मुखिया के परिवार में चल रहे विवाद को लेकर अन्य पार्टियों ने इसे अपने हित में बताया है। इससे बसपा और भाजपा तथा कांग्रेस भी अपना हित साथ रहे हैं। हालांकि विघटन को लेकर सपा के पदाधिकारी दावा कर रहे हैं कि दो दिन में यह मामला शांत हो जाएगा।
दरअसल, प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी सपा में पिछले करीब एक माह से आंतरिक द्वंद चल रहा था। मगर रविवार को कलह पूरी तरह बाहर आ गई। प्रदेश स्तर पर हुई कार्रवाई से जहां सपाई परेशान हो गए हैं तो दूसरे दलों के प्रतिनिधियों ने इसमें अपना लाभ टटोलना शुरू कर दिया है।
भाजपा के पूर्व मंत्री हरिश्चंद भाटी ने कहा कि सपा में परिवार की कलह का कारण भाजपा है। चूंकि भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बना रही है और इसी बौखलाहट से सपा में एक -दूसरे पर आरोप लग रहे है। बसपा के जिलाध्यक्ष लाल सिंह गौतम का कहना है कि सपा की कलह का सीधा-सीधा लाभ बसपा को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान मतदाता समझ गया है कि उसे वहां पर नेतृत्व नहीं मिल सकता है और बसपा की ओर वोटरों ने रूख कर लिया है। नोएडा प्रभारी रवि मिश्रा का कहना है कि सपा का वोटर हंसी का पात्र बन गया है और समझदार मतदाता ऐसा कतई नहीं चाहता है। सपा की असलियत जनता के सामने आ गई हैं वहां पद और पैदा के लिए लड़ाई हो रही है।
उधर, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव का कहना है कि सपा का नेतृत्व को लेकर अभी से विवाद शुरू हो गया है तो वह प्रदेश कैसे चलाएगी। इसे लेकर सपा का वोटर हताश है और कांग्रेस की ओर आ रहा है। इसका लाभ कांग्रेस को ही मिलेगा।
वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष राकेश यादव का कहना है कि पार्टी हाईकमान में जो हो रहा है उससे कार्यकर्ता आहत जरूर है। मगर राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूरे मामले को जल्द ही व्यवस्थित कर लेंगे और फिर से उनके नेतृत्व में सरकार बनेगी। जिलाध्यक्ष प्रताप चौहान का कहना है कि सपा का वोटर सपा के पास रहेगा। सपा मेें हुए विवाद को बहुत जल्द समाप्त करके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी फिर से बहुमत में आएगी। दूसरी पार्टियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
जो व्यक्ति अपना परिवार नहीं संभाल सकता वो पार्टी और प्रदेश को क्या संभालेगा। सपा में तो ऐसा होना था लेकिन थोड़ी देर से हुआ है। चूंकि वहां पर आम जनता की भलाई के लिए नहीं बल्कि अपने लिए काम किया जाता है और इसी कारण विवाद हो रहा है। सपा ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है। भाजपा लगातार प्रदेश में मजबूत हो रही है और इस बार उन्हीं की सरकार बनेगी।
डॉ. महेश शर्मा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भाजपा