स्वच्छता सर्वेक्षण: जानिए हिमाचल के किस शहर को क्या रैंक मिला
देश भर के 4237 शहरों में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार राजधानी शिमला को 128वां रैंक मिला है, जबकि मंडी 806, मनाली 916 और धर्मशाला 972वें रैंक पर रहा।
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 की रिपोर्ट जारी की है। पिछले वर्ष 2018 में शिमला शहर को 144वां रैंक मिला था। सफाई व्यवस्था सुधरने के कारण रैंकिंग में इस बार शिमला को 16 पायदान का फायदा हुआ है।
कुल पांच हजार अंकों में से शिमला को 2689.5 अंक मिले हैं। केंद्र सरकार की ओर से कराए गए स्टेट रैंकिंग में हिमाचल 20वें स्थान पर रहा है। बीते वर्ष हिमाचल का स्थान 18वां था।
नेशनल रैंकिंग के लिए ऐसे हुआ चयन
नगर निगम शिमला इस बार टॉप 50 शहरों में शामिल होने की उम्मीद कर रहा था। इसके लिए सर्वेक्षण से ठीक पहले कई कदम भी उठाए गए, लेकिन शहर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की योजना प्रभावी ढंग से लागू न होने और गारबेज फ्री सिटी के अंक न मिलने से शिमला टॉप 100 शहरों की लिस्ट में भी शामिल नहीं हो पाया। इस बार सर्वेक्षण के लिए भी केंद्रीय टीमें गुपचुप शिमला पहुंचीं।
शहरवासियों से फीडबैक लिया और सार्वजनिक स्थानों तथा शौचालयों का निरीक्षण कर लौट गईं। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर हिमाचल से 54 शहरों की सूची मंत्रालय को भेजी थी। केंद्र की टीम ने शहरों का सर्वेक्षण किया। इसमें यह देखा कि केंद्र की ओर से स्वच्छता को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, क्या शहर उन पर खरे उतर पाए हैं? इसके अलावा शहरों में विकास कार्यों के लिए जारी राशि का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं।
उत्तरी जोन हिमाचल रैंकिंग में बद्दी की स्थिति बेहतर
स्वच्छता सर्वेक्षण छावनी बोर्ड में जतोग देश भर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। बीते वर्ष पहले स्थान पर था। इसके साथ ही डलहौजी 10वें, सबाथू 29, बकलोह 55, कसौली 21 और योल 76वें स्थान पर रहा। उत्तरी जोन के 20 शहरों में बद्दी की स्थिति बेहतर है।
बद्दी 411, हमीरपुर 495, सुंदरनगर 520, पालमपुर 577, डलहौजी 622, नयनादेवी 642, परवाणू 671, कांगड़ा 690, रामपुर 692, चंबा 693, संतोषगढ़ 735, नाहन 738, सोलन 758, रिवालसर 774, अर्की 783 ज्वालामुखी 804, मंडी 806, नारकंडा 815, कोटखाई 817, चौपाल 832 वें स्थान पर रहा है।