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एलडीए की बसंत कुंज योजना में महंगे होंगे प्लॉट, देनी होगी ये कीमत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:40 PM IST
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एलडीए की बसंत कुंज योजना में प्लॉट खरीदने के लिए लोगों को पांच फीसदी तक ज्यादा कीमत देनी पड़ेगी। एलडीए योजना में जमीन की कीमत 150 रुपये प्रति वर्गफीट तक बढ़ाने की तैयारी में है।
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एलडीए अफसरों का कहना है कि कीमत यह बढ़ोतरी नजूल की जमीन के लिए एक्स-ग्रेशिया (सरकारी जमीन पर सालों से काबिज लोगों को हटाने पर आर्थिक मदद) मुआवजा, सामान्य किसानों को संशोधित दर से मुआवजा देने और विकास में देरी से बढ़ी निर्माण लागत के चलते की जा रही है।
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एलडीए के आकलन के मुताबिक नजूल की जमीन के लिए एक्स-ग्रेशिया मुआवजा देने के लिए करीब 13 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। ये राशि एलडीए अपने संसाधन से चुकाएगा।
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हालांकि, इसके लिए एलडीए को प्रदेश सरकार की अनुमति का इंतजार है। आवास विभाग का मुखिया होने की वजह से खुद मुख्यमंत्री योगी मुआवजे की अनुमति देनी है। अनुमति बाद एलडीए मुआवजा बांटने के साथ जमीन पर कब्जा लेना शुरू करेगा।
किसानों को देने हैं 150 करोड़
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इसके अलावा एलडीए को संशोधित मुआवजा दर की वजह से किसानों को करीब 150 करोड़ रुपये देने हैं। यह बजट भी अब तक योजना पर हुए एलडीए के खर्च में शामिल हो रहा है।
योजना में छह साल तक देरी होने मूलभूत काम नहीं कराए जा सके। सड़क बनाने से लेकर सीवर और ड्रेनेज सिस्टम व बिजली के काम भी यहां अलग-अलग सेक्टर्स में कराए जाने हैं।
योजना में देरी से निर्माण के कामों की लागत करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे भी एलडीए के ऊपर 50 से 60 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
'योजना के विकास की लागत बढ़ने की वजह से बढ़े खर्च को संपत्तियों के ऊपर समान अनुपात में बांटा जाएगा। भूखंड लेने या फ्लैट खरीदने के समय बहुत कम कीमत संपत्ति की इससे बढ़ेगी। इसके बाद भी संपत्तियों की कीमत आवंटियों के लिए आकर्षित करने वाली ही रहेंगी।'- प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए
योजना में छह साल तक देरी होने मूलभूत काम नहीं कराए जा सके। सड़क बनाने से लेकर सीवर और ड्रेनेज सिस्टम व बिजली के काम भी यहां अलग-अलग सेक्टर्स में कराए जाने हैं।
योजना में देरी से निर्माण के कामों की लागत करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे भी एलडीए के ऊपर 50 से 60 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
'योजना के विकास की लागत बढ़ने की वजह से बढ़े खर्च को संपत्तियों के ऊपर समान अनुपात में बांटा जाएगा। भूखंड लेने या फ्लैट खरीदने के समय बहुत कम कीमत संपत्ति की इससे बढ़ेगी। इसके बाद भी संपत्तियों की कीमत आवंटियों के लिए आकर्षित करने वाली ही रहेंगी।'- प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए