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रिपोर्ट में खुलासा, मेवात की बिरयानी में नहीं था गोमांस
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 May 2017 11:30 AM IST
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mewat beef contriversy
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के मेवात जिले की बिरयानी में गोमांस नहीं बीफ परोसा जा रहा है। लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज हिसार की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। बीते वर्ष फिरोजपुर झिरका के सात बिरयानी विक्रेताओं की दुकान पर पुलिस और वेटरिनरी सर्जन की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर मांस के टुकड़े नमूने के तौर पर कब्जे में लिए थे।
इन्हें 24 अगस्त 2016 को फिरोजपुर झिरका के वेटरिनरी सर्जन डॉ. अमर सिंह सोलंकी ने यूनिवर्सिटी के वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी विभाग को जांच के लिए भेजा था। इसमें मांग की गई थी मांस के टुकड़ों की नस्ल बताई जाए। जांच भी इसी को ध्यान में रखकर की गई कि बिरयानी से एकत्रित नमूने पशुओं और भैंसे की नस्ल के तो नहीं हैं।
विभाग के मुखिया ने 6 सितंबर 2016 को अपनी जांच रिपोर्ट में यह साफ किया है कि सभी सातों सैंपल पशुओं की नस्ल केहैं। इसमें आगामी कार्रवाई वेटरिनरी सर्जन को ही करनी है। यूनिवर्सिटी ने तो अपनी रिपोर्ट समय पर भेज दी, लेकिन पीपुल्स फार एनिमल की हरियाणा इकाई के आजीवन चेयरमैन और हरियाणा स्काउट एवं गाइड के आयुक्त नरेश कादयान का आरोप है कि फिरोजपुर झिरका के वेटरिनरी डॉक्टर ने इसे दबाए रखा।
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जबकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने सातों बिरयानी विक्रेताओं पर बीफ परोसने का मामला दर्ज कराना चाहिए था। कादयान ने सातों विक्रेताओं और वेटरिनरी सर्जन पर प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल एक्ट 1960 व हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गो संवर्धन एक्ट 2015 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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इन्हें 24 अगस्त 2016 को फिरोजपुर झिरका के वेटरिनरी सर्जन डॉ. अमर सिंह सोलंकी ने यूनिवर्सिटी के वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी विभाग को जांच के लिए भेजा था। इसमें मांग की गई थी मांस के टुकड़ों की नस्ल बताई जाए। जांच भी इसी को ध्यान में रखकर की गई कि बिरयानी से एकत्रित नमूने पशुओं और भैंसे की नस्ल के तो नहीं हैं।
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विभाग के मुखिया ने 6 सितंबर 2016 को अपनी जांच रिपोर्ट में यह साफ किया है कि सभी सातों सैंपल पशुओं की नस्ल केहैं। इसमें आगामी कार्रवाई वेटरिनरी सर्जन को ही करनी है। यूनिवर्सिटी ने तो अपनी रिपोर्ट समय पर भेज दी, लेकिन पीपुल्स फार एनिमल की हरियाणा इकाई के आजीवन चेयरमैन और हरियाणा स्काउट एवं गाइड के आयुक्त नरेश कादयान का आरोप है कि फिरोजपुर झिरका के वेटरिनरी डॉक्टर ने इसे दबाए रखा।
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जबकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने सातों बिरयानी विक्रेताओं पर बीफ परोसने का मामला दर्ज कराना चाहिए था। कादयान ने सातों विक्रेताओं और वेटरिनरी सर्जन पर प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल एक्ट 1960 व हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गो संवर्धन एक्ट 2015 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सीएम विंडो व एसपी को दी शिकायत
Haryana CM Manohar lal khattar
- फोटो : अमर उजाला
सीएम विंडो व एसपी को दी शिकायत
नरेश कादयान ने सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत 047794/2017 और एसपी नूहं के पास 223-पीजी/2-5-2017 के तहत मंगलवार को दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला हाई-प्रोफाइल है। इसमें सरकार उचित कार्रवाई करे।
जांच रिपोर्ट मिलने पर दर्ज होगी एफआईआर : रतन लाल
फिरोजपुर झिरका थाने के एसएचओ रतन लाल सिंह ने बताया कि बीते वर्ष सैंपल लेकर जांच को भेजे थे। अभी उनके पास हिसार यूनिवर्सिटी से रिपोर्ट की मूल कॉपी नहीं आई है। नरेश कादयान ने फोटो कॉपी दी है। मूल प्रति आने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
नरेश कादयान ने सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत 047794/2017 और एसपी नूहं के पास 223-पीजी/2-5-2017 के तहत मंगलवार को दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला हाई-प्रोफाइल है। इसमें सरकार उचित कार्रवाई करे।
जांच रिपोर्ट मिलने पर दर्ज होगी एफआईआर : रतन लाल
फिरोजपुर झिरका थाने के एसएचओ रतन लाल सिंह ने बताया कि बीते वर्ष सैंपल लेकर जांच को भेजे थे। अभी उनके पास हिसार यूनिवर्सिटी से रिपोर्ट की मूल कॉपी नहीं आई है। नरेश कादयान ने फोटो कॉपी दी है। मूल प्रति आने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।