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घर से सोना निकालने का झांसा: कांकेर में लाखों की ठगी, साधु बनकर आए पीतल की मूर्तियों को गोल्ड बताकर ठग गए
Tue, 30 Jun 2026 07:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 07:51 PM IST
सार
कांकेर में एक युवक से घर में सोना गड़ा होने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने गिरफ्तार किए छह आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांकेर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में एक युवक से 5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने घर में सोना गड़ा होने का झांसा देकर यह धोखाधड़ी की। प्रार्थी बलराम सरकार की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने महाराष्ट्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बांदे थाना प्रभारी ने बताया कि 25 जून को बलराम सरकार (53 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 17 मई को दोपहर 12 बजे एक साधु वेश में पांच पैर वाले नंदी बैल के साथ उनके घर भीख मांगने आया। बलराम ने नंदी बैल को आलू खिलाकर 20 रुपये भी दान दिए। साधु ने बलराम को बताया कि उनके घर में सोना गड़ा हुआ है। उसने कहा कि इसे निकाले बिना परिवार की बीमारियां दूर नहीं होंगी। आरोपी ने सोना निकालने के लिए स्वयं सुंदरी भस्म दवा खरीदने का दबाव बनाया।
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ठगी की शुरुआत
आरोपी के कहने पर बलराम गढ़चिरौली पहुंचे। उन्हें कारगिल चौक स्थित मां जमुना आयुर्वेदिक दुकान ले जाया गया। वहां बलराम ने 52 हजार रुपये देकर एक ग्राम स्वयं सुंदरी भस्म खरीदी। 2 जून 2026 को आरोपी दो अन्य व्यक्तियों के साथ कार से बलराम के घर पहुंचे। रात में पूजा-पाठ कर घर से एक छोटा कलश निकाला गया। उसमें सोने जैसी वस्तु दिखाकर लाल कपड़े में बांध दिया गया।
धोखाधड़ी का खुलासा
आरोपियों ने बलराम को डराया कि बिना अनुमति कलश खोलने पर परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाएगी। उन्होंने फिर नव जीवन अमृत भस्म नामक महंगी दवा खरीदने का दबाव बनाया। बलराम ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कही, तब आरोपियों ने दो ग्राम दवा खरीदने को कहा। बलराम ने 4 लाख 44 हजार रुपये देकर दवा खरीदी और उसे पूजा स्थल के गड्ढे में डाल दिया। आरोपी लगातार तीन ग्राम अतिरिक्त दवा खरीदने का दबाव बनाने लगे, तब बलराम को संदेह हुआ। उन्होंने कलश खोलकर देखा तो उसमें सोने के रंग की 21 मूर्तियां थीं, जो घिसने पर पीतल की निकलीं।
पुलिस की कार्रवाई
इस प्रकार आरोपियों और दुकानदार द्वारा डर दिखाकर कुल 5 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगी का एहसास होने पर बलराम सरकार ने तत्काल थाना बांदे में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस टीम ने महाराष्ट्र राज्य में दबिश दी। संयुक्त पुलिस दल ने नागपुर और गढ़चिरौली क्षेत्र से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में भोला गवते, मुकेश सोनेश्वर, शिवागिरी, लीलाधर शिवाजी, परमेश्वर एकनाथ उर्फ देवा और दिनेश सोनेश्वर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 4 लाख 96 हजार रुपये नगद और एक पिकअप वाहन बरामद किया।
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बांदे थाना प्रभारी ने बताया कि 25 जून को बलराम सरकार (53 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 17 मई को दोपहर 12 बजे एक साधु वेश में पांच पैर वाले नंदी बैल के साथ उनके घर भीख मांगने आया। बलराम ने नंदी बैल को आलू खिलाकर 20 रुपये भी दान दिए। साधु ने बलराम को बताया कि उनके घर में सोना गड़ा हुआ है। उसने कहा कि इसे निकाले बिना परिवार की बीमारियां दूर नहीं होंगी। आरोपी ने सोना निकालने के लिए स्वयं सुंदरी भस्म दवा खरीदने का दबाव बनाया।
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ठगी की शुरुआत
आरोपी के कहने पर बलराम गढ़चिरौली पहुंचे। उन्हें कारगिल चौक स्थित मां जमुना आयुर्वेदिक दुकान ले जाया गया। वहां बलराम ने 52 हजार रुपये देकर एक ग्राम स्वयं सुंदरी भस्म खरीदी। 2 जून 2026 को आरोपी दो अन्य व्यक्तियों के साथ कार से बलराम के घर पहुंचे। रात में पूजा-पाठ कर घर से एक छोटा कलश निकाला गया। उसमें सोने जैसी वस्तु दिखाकर लाल कपड़े में बांध दिया गया।

धोखाधड़ी का खुलासा
आरोपियों ने बलराम को डराया कि बिना अनुमति कलश खोलने पर परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाएगी। उन्होंने फिर नव जीवन अमृत भस्म नामक महंगी दवा खरीदने का दबाव बनाया। बलराम ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कही, तब आरोपियों ने दो ग्राम दवा खरीदने को कहा। बलराम ने 4 लाख 44 हजार रुपये देकर दवा खरीदी और उसे पूजा स्थल के गड्ढे में डाल दिया। आरोपी लगातार तीन ग्राम अतिरिक्त दवा खरीदने का दबाव बनाने लगे, तब बलराम को संदेह हुआ। उन्होंने कलश खोलकर देखा तो उसमें सोने के रंग की 21 मूर्तियां थीं, जो घिसने पर पीतल की निकलीं।
पुलिस की कार्रवाई
इस प्रकार आरोपियों और दुकानदार द्वारा डर दिखाकर कुल 5 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगी का एहसास होने पर बलराम सरकार ने तत्काल थाना बांदे में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस टीम ने महाराष्ट्र राज्य में दबिश दी। संयुक्त पुलिस दल ने नागपुर और गढ़चिरौली क्षेत्र से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में भोला गवते, मुकेश सोनेश्वर, शिवागिरी, लीलाधर शिवाजी, परमेश्वर एकनाथ उर्फ देवा और दिनेश सोनेश्वर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 4 लाख 96 हजार रुपये नगद और एक पिकअप वाहन बरामद किया।