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656 सीएंडवी की PGT प्रमोशन रद्द, पुराने स्टेशन पर ही ज्वाइन करना होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Mar 2017 09:31 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा के भाषा अध्यापकों को करारा झटका लगा है। सरकार ने बीते 22 फरवरी को सीएंडवी (भाषा अध्यापकों) हिंदी, पंजाबी और ड्राइंग की पीजीटी पद पर हुई पदोन्नति को रद्द कर दिया है। तीनों विषयों के 656 भाषा अध्यापकों को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वापस पुराने स्टेशन पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। पदोन्नति के बाद इन्होंने पीजीटी के पद पर नई जगह नियुक्ति पा ली थी। सरकार के इन आदेशों से भाषा अध्यापक फिर वहीं आ गए हैं, जहां दस साल पहले थे।
ऐसे शिक्षकों की एक दशक से प्रमोशन नहीं हो रही थी। बीते वर्ष 6 मई को सरकार ने इनकी पदोन्नति के आदेश जारी किए थे, जो कानूनी पचड़े में फंस गए। इनके साथ संस्कृत अध्यापक भी शामिल थे। मामला कोर्ट में होने पर सबकी ज्वाइनिंग उस समय रुक गई। केस चलता रहा और इस वर्ष फरवरी महीने में शिक्षा विभाग ने हिंदी, पंजाबी और ड्राइंग अध्यापकों को संस्कृत शिक्षकों से अलग मानते हुए 22 फरवरी 2017 को इनकी ज्वाइनिंग और प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। मामला पहले से गुलजार सिंह बनाम अन्य और हरियाणा सरकार को लेकर कोर्ट में चला आ रहा था।
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ऐसे शिक्षकों की एक दशक से प्रमोशन नहीं हो रही थी। बीते वर्ष 6 मई को सरकार ने इनकी पदोन्नति के आदेश जारी किए थे, जो कानूनी पचड़े में फंस गए। इनके साथ संस्कृत अध्यापक भी शामिल थे। मामला कोर्ट में होने पर सबकी ज्वाइनिंग उस समय रुक गई। केस चलता रहा और इस वर्ष फरवरी महीने में शिक्षा विभाग ने हिंदी, पंजाबी और ड्राइंग अध्यापकों को संस्कृत शिक्षकों से अलग मानते हुए 22 फरवरी 2017 को इनकी ज्वाइनिंग और प्रमोशन के आदेश जारी कर दिए। मामला पहले से गुलजार सिंह बनाम अन्य और हरियाणा सरकार को लेकर कोर्ट में चला आ रहा था।
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नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार कर प्रमोशन का आदेश्ा
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
कुछ पंजाबी और हिंदी के अध्यापकों ने भी सीएंडवी से पीजीटी पद पर हुई पदोन्नति को गलत ठहराया था। इसलिए सरकार ने अब हाईकोर्ट की ओर से आठ, सोलह और 21 मार्च को आए निर्देशों के बाद सीएंडवी की प्रमोशन रद कर दी है। हाईकोर्ट ने चार महीने में नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार कर सभी की प्रमोशन करने के निर्देश दिए हैं।
चूंकि यह सामने आया था कि साल 2016 में हुई प्रमोशन में शिक्षा विभाग के मनमर्जी के नियम व शर्तों के कारण जूनियर प्रमोशन पा गए थे और सीनियर रह गए थे। इससे सर्विस नियम - 12 का उल्लंघन हुआ था। स्कूल शिक्षा विभाग केएसीएस पीके दास ने बताया कि कोर्ट के आदेशों के बाद पदोन्नति रद की गई है। नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार कर प्रमोशन आर्डर जारी किए जाएंगे।
चूंकि यह सामने आया था कि साल 2016 में हुई प्रमोशन में शिक्षा विभाग के मनमर्जी के नियम व शर्तों के कारण जूनियर प्रमोशन पा गए थे और सीनियर रह गए थे। इससे सर्विस नियम - 12 का उल्लंघन हुआ था। स्कूल शिक्षा विभाग केएसीएस पीके दास ने बताया कि कोर्ट के आदेशों के बाद पदोन्नति रद की गई है। नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार कर प्रमोशन आर्डर जारी किए जाएंगे।