पर्ल्स ग्रुप पर कसा शिकंजा, गमाडा ने जांच के लिए गठित की कमेटी
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मोहाली के सेक्टर-96 के विकास में हो रही देरी के मामले में ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने पर्ल ग्रुप पर शिकंजा कस दिया है। गमाडा ने पहले कंपनी को नोटिस जारी करके 15 दिन में डेवलपमेंट काम शुरू करने की हिदायत दी थी।
वही, अब गमाडा ने एक कमेटी गठित की है। कमेटी में गमाडा के सीनियर अधिकारी व इंजीनियर शामिल हैं। कमेटी महीने के आखिर तक अपनी रिपोर्ट गमाडा को सौंप देगी। अगर कमेटी को लगता है कि कंपनी ने विकास कार्य पूरा नहीं किया है तो गमाडा की ओर से पर्ल ग्रुप के जमा ढाई करोड़ रुपये जब्त करने के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। गमाडा ने साफ कर दिया है कि इसके बाद कोई सुनवाई नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने पीएसीएल को सेक्टर-96 में 41.92 एकड़ में पर्ल सिटी बसाने के लिए 2014 में लाइसेंस जारी किया था। गमाडा की शर्तों के अनुसार, नौ जनवरी 2017 तक विकास कार्य पूरे किए जाने थे। इस प्रोजेक्ट के अंदरूनी विकास कार्यों में खर्च की जाने वाली कुल राशि का गमाडा ने सिक्योरिटी मनी के रूप में 25 प्रतिशत हिस्सा अपने पास जमा कर लिया था। जो कि लगभग ढाई करोड़ रुपये है।
गमाडा के ध्यान में आया कि कंपनी तय शर्तों को पूरा नहीं कर रही है। अभी तक साइट पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे पहले गमाडा ने आखिरी वार्निंग नोटिस जारी कर 15 दिन में विकास कार्य शुरू करने की हिदायत दी थी। इसके बाद गमाडा की कमेटी ने काम को चेकिंग की थी।