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मंदसौर: छह दिन बाद भी बाढ़ प्रभावितों को नहीं मिली राहत सामग्री, बेघर हुए एक लाख परिवार
Fri, 20 Sep 2019 12:03 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 20 Sep 2019 12:03 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : flood in mp
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भारी बारिश के कारण मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं। इसके बावजूद छठवें दिन भी प्रशासन मंदसौर के बाढ़ प्रभावितों को पेट भरने जितनी राहत नहीं दे पाया है। लोग या तो भूख से परेशान हैं या फिर पेट भरने के लिए समाजसेवियों और रिश्तेदारों पर निर्भर हैं। यह स्थिति राजस्व विभाग के जरिए खाद्य विभाग को जरूरतमंदों की सूची नहीं मिलने के कारण बनी है।
बताया जा रहा है कि 27 हजार बाढ़ पीड़ित परिवारों में से अब तक केवल 6284 की सूची ही मिली है। इसमें भी 3477 परिवार को 50-50 किलो गेहूं बांटा गया है। अधिकारी अतिथियों की मेजबानी में लगे हुए हैं। जबकि बाढ़ की वजह से 400 से ज्यादा गांवों के 27 हजार परिवारों के सपनों का घर उजड़ गया है। बाढ़ के कारण लगभग एक लाख परिवार बेघर हो चुके हैं। मंदसौर के जिलाधिकारी मनोज पुष्प का कहना है कि आपदा काफी बड़ी है। पशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। कोई लापरवाही नहीं हुई है।
बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने गुरुवार को नगरपालिका कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करके राहत की मांगी। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद जौरा इलाके के बरवासिन, अजमेर सिंह का पुरा व नत्थी सिंह का पुरा में पानी से घिरे लोगों तक खाने-पीने की वस्तुएं नहीं पहुंच सकी हैं। गुरुवार को जब राहत शिविरों से लोग वापस अपने घर पहुंचे तो राशन भीग चुका था। आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव संदीप पौंड्रिक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। जिसके बाद गांवों में किसानों से जानकारी ली गई।
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बताया जा रहा है कि 27 हजार बाढ़ पीड़ित परिवारों में से अब तक केवल 6284 की सूची ही मिली है। इसमें भी 3477 परिवार को 50-50 किलो गेहूं बांटा गया है। अधिकारी अतिथियों की मेजबानी में लगे हुए हैं। जबकि बाढ़ की वजह से 400 से ज्यादा गांवों के 27 हजार परिवारों के सपनों का घर उजड़ गया है। बाढ़ के कारण लगभग एक लाख परिवार बेघर हो चुके हैं। मंदसौर के जिलाधिकारी मनोज पुष्प का कहना है कि आपदा काफी बड़ी है। पशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। कोई लापरवाही नहीं हुई है।
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बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने गुरुवार को नगरपालिका कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करके राहत की मांगी। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद जौरा इलाके के बरवासिन, अजमेर सिंह का पुरा व नत्थी सिंह का पुरा में पानी से घिरे लोगों तक खाने-पीने की वस्तुएं नहीं पहुंच सकी हैं। गुरुवार को जब राहत शिविरों से लोग वापस अपने घर पहुंचे तो राशन भीग चुका था। आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव संदीप पौंड्रिक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। जिसके बाद गांवों में किसानों से जानकारी ली गई।
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