दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत, एचपीयू, कॉलेजों में मिलेगा इतना फीसदी आरक्षण
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दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद एचपीयू और संबद्ध कॉलेजों में अब दिव्यांगों के लिए आरक्षण के प्रतशित को बढ़ा दिया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सभी सरकारी कॉलेजों में अब दिव्यांग विद्यार्थियों को नए कानून के अनुसार दाखिले में पांच फीसदी आरक्षण मिलेगा। उन्हें हॉस्टल की सुविधा भी देनी होगी।
हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के बाद एचपीयू और संबद्ध कॉलेजों ने इस सत्र से यह सुविधा देनी शुरू कर दी है। एचपीयू दिव्यांगों को 5 फीसदी आरक्षण देने वाला उत्तर भारत का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
इससे पहले दिव्यांगों को तीन फीसदी आरक्षण दिया जाता था। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलसचिव डॉ. एसएस नारटा और प्रदेश विवि के विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है।
चंबा की दृष्टि बाधित छात्रा इंदु कुमारी एचपीयू में एमए राजनीति विज्ञान विषय में प्रवेश पाना चाहती थी, लेकिन कोर्ट के आदेशों के बावजूद उसे आरक्षण सुविधा नहीं दी गई जिससे उसका दाखिला नहीं हो सका।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा था पत्र
इसके लिए उसने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा। इस पत्र को जनहित याचिका मानकर हाईकोर्ट ने विकलांग विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण तुरंत प्रभाव से देने के निर्देश दिए। अब विवि ने इसे लागू कर दिया गया है।
अब इंदु कुमारी, रविंद्र ठाकुर और जितेंद्र कुमार को दाखिला दे दिया गया है। दृष्टिबाधित विजय कुमार को धर्मशाला के बीएड कॉलेज में सीट दी गई है। याचिका में तर्क दिया था कि जब विकलांगजन अधिकार अधिनियम 2016 देश भर में 19 अप्रैल 2017 से लागू किया जा चुका है तो हिमाचल में इस कानून की धारा 32 के तहत उच्च शिक्षा में 5 फीसदी आरक्षण क्यों लागू नहीं किया गया।
अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अधिनियम में स्पष्ट है कि उच्च शिक्षा के सभी सरकारी संस्थानों और सरकार से सहायता प्राप्त कर रहे संस्थानों में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच फीसदी आरक्षण देना होगा।