बात करते-करते फोन कटा तो जेल जा सकते हैं मोबाइल सेवा प्रदाता
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इस संबंध में बीएसएनएल, वोडाफोन, एयरटेल, टेलीनॉर, आइडिया, एयरसेल व रिलायंस कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक व मुख्य तकनीकी अधिकारियों को जिलाधिकारी राजशेखर ने नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि बीते छह माह से लगातार नेटवर्क सेवा बेहतर बनाने के निर्देश के बाद भी जिले के 32 लाख से अधिक मोबाइल कस्टमरों को कॉल ड्राप, कमजोर कनेक्टिविटी सिग्नल, खराब वायज क्लाविटी और मनचाही इंटरनेट डाटा बेस सेवा की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इससे मोबाइल उपभोक्ताओं के साथ ही कानून व्यवस्था व आपदा प्रबंधन से जुड़े अहम कार्यों का क्रियान्वयन व संचालन भी प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर मोबाइल व डाटा बेस सेवा के लिए कस्टमरों से मनचाहा शुल्क वसूलने वाली मोबाइल प्रदाता कंपनियां जेब हल्की करने में सबसे आगे और बेहतर सेवा देने में सबसे फिसड्डी साबित हो रही हैं।
दैवीय व प्राकृतिक आपदा के समय राहत व बचाव कार्य के लिए मोबाइल फोन व इंटरनेट सेवा अहम भूमिका निभाती है। कानून एवं शांति व्यवस्था कायम रखने में भी मोबाइल सेवा काफी अहम होती है।
कस्टमर की कट रही जेब, खूब कमा रहे ऑपरेटर
कमजोर नेटवर्क सिग्नल की आड़ में कॉल ड्राप के खेल से अब भी कस्टमरों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। दूरसंचार नियामक आयोग (ट्राई) के सख्त दिशा निर्देश के बाद भी बदहाल नेटवर्क सेवा के कारण एक मोबाइल नंबर पर दो से तीन बार कॉल मिलाने पर ही बातचीत पूरी हो पाती है।
कॉल ड्राप के इस खेल में मोबाइल ऑपरेटर कंपनियां कस्टमरों के खाते से नबंर मिलते ही पैसे की कटौती कर लाखों की कमाई करती हैं।
राजधानी में 11.5 लाख बीएसएनएल कस्टमर हैं, जबकि 20.5 लाख कस्टमर अन्य निजी मोबाइल ऑपरेटरों के नेटवर्क से जुड़े हैं। कॉल ड्राप की समस्या अधिकतर एक मोबाइल ऑपरेटर के नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर आती है।
एक जोन से दूसरे जोन में जाने पर सिग्नल कमजोर हो सकते हैं, इसी दौरान कनेक्टिविटी की दिक्कत भी आती है। निजी ऑपरेटरों का अपने बीटीएस टॉवर पर पूरा नियंत्रण रहता है।
मोबाइल क्षेत्र से जुड़े एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहते हैं कि इन्हीं टॉवर से सिग्नल की फ्रिक्वेंसी घटा-बढ़ाकर कॉल ड्राप का खेल होता है। अधिकतर टॉवर के सिग्नल कमजोर करने का यह खेल मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक का पीक ऑवर माने जाने वाले समय अर्थात सुबह नौ से साढ़े दस बजे और शाम चार से छह बजे के बीच ज्यादा होता है।