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डीजीपी ने कहा, गैंगस्टर दिलप्रीत एक साल शहर में रहा तो पुलिस को क्यों नहीं पता चला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 Jul 2018 09:39 AM IST
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डीजीपी संजय बेनीवाल
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डीजीपी संजय बेनीवाल ने शहर के सभी पुलिस थानों के एसएचओज के साथ बुधवार को पहली मीटिंग की। डीजीपी ने सवाल किया कि बीते साल सरपंच सतनाम मर्डर केस किस थाने के अंतर्गत हुआ तो मलोया थाने के इंस्पेक्टर बलदेव कुमार ने मलोया थाना के अंतर्गत होने का जवाब दिया।
दूसरा सवाल डीजीपी ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, पंजाब पुलिस की ओर से बीते सोमवार को पकड़े गए गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को लेकर किया। उन्होंने एसएचओ से पूछा कि गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह किस थाने के अंतर्गत रह रहा था। सेक्टर-39 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह ने अपने थाने का मामला बताया।
डीजीपी ने कहा कि हैरानीजनक है कि गैंगस्टर साल भर चकमा देता रहा, लेकिन फिर बीट पुलिस को भनक तक नहीं लगी। उन्होंने बीट व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो इंस्पेक्टर सराहनीय, बेहतर ड्यूटी का निर्वहन करेंगे, केवल उन्हें ही एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। डीजीपी संजय बेनीवाल की यह मीटिंग करीब पंद्रह मिनट तक चली।
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गौरतलब है कि गैंगस्टर दिलप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-38 स्थित मकान नंबर-2567 में अपनी गर्लफ्रेंड रूपिंदर कौर के पास ठहरा था, लेकिन इस बारे में समूची यूटी पुलिस बेखबर रही। यहां तक कि पंजाब पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश में थी, लेकिन मोहाली पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फेल साबित हुआ। गैंगस्टर को बीते सोमवार स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की 60 सदस्यीय टीम ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
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दूसरा सवाल डीजीपी ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, पंजाब पुलिस की ओर से बीते सोमवार को पकड़े गए गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को लेकर किया। उन्होंने एसएचओ से पूछा कि गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह किस थाने के अंतर्गत रह रहा था। सेक्टर-39 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह ने अपने थाने का मामला बताया।
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डीजीपी ने कहा कि हैरानीजनक है कि गैंगस्टर साल भर चकमा देता रहा, लेकिन फिर बीट पुलिस को भनक तक नहीं लगी। उन्होंने बीट व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो इंस्पेक्टर सराहनीय, बेहतर ड्यूटी का निर्वहन करेंगे, केवल उन्हें ही एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। डीजीपी संजय बेनीवाल की यह मीटिंग करीब पंद्रह मिनट तक चली।
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गौरतलब है कि गैंगस्टर दिलप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-38 स्थित मकान नंबर-2567 में अपनी गर्लफ्रेंड रूपिंदर कौर के पास ठहरा था, लेकिन इस बारे में समूची यूटी पुलिस बेखबर रही। यहां तक कि पंजाब पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश में थी, लेकिन मोहाली पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फेल साबित हुआ। गैंगस्टर को बीते सोमवार स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की 60 सदस्यीय टीम ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।