भड़काऊ पोस्ट पर फेसबुक और ट्विटर के अधिकारियों संग बैठक करेगी पीस एंड हार्मोनी कमेटी
- कई भड़काऊ पोस्ट डालने वालों की पहचान तय करने के लिए होगी बैठक
- फेसबुक और व्हाट्सएप सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से मांगेंगे सहयोग
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दिल्ली हिंसा में सोशल मीडिया ने आग में घी डालने का बड़ा काम किया था। फर्जी संदेशों से एक वर्ग के लोगों को दूसरों के खिलाफ भड़काया गया जिससे आग और अधिक फैली और 52 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
अब दिल्ली विधानसभा के अंतर्गत गठित पीस एंड हार्मोनी कमेटी फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अधिकारियों को बुलाकर भड़काऊ पोस्टों के प्रसार को रोकने की संभावनाओं का पता लगाएगी।
पीस एंड हार्मोनी कमेटी ने गुरुवार को इसके संदर्भ में एक बैठक की। बैठक के बाद कमेटी के सदस्य राघव चड्ढा ने बताया कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दंगों के दौरान खूब दुरुपयोग हुआ है।
लेकिन भड़काऊ संदेशों की जांच करते समय कई पोस्ट करने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अधिकारियों से सहयोग मांगा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कमेटी ने 15 लोगों को बुलाकर उनसे पूछताछ भी की। इनमें 14 लोगों ने विभिन्न भड़काऊ पोस्टों के बारे में जानकारी दी थी। जबकि इनमें से एक भड़काऊ पोस्ट डालने वाला दोषी व्यक्ति था, जिसके खिलाफ शिकायत के बाद उसे कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।
चड्ढा के मुताबिक व्यक्ति ने अपनी गलती स्वीकार किया है और लिखित माफीनामे में कहा है कि वह इस कानून से अनजान था। अब वह सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना माफीनामा भी पेश करेगा और लोगों को फर्जी पोस्ट न डालने के प्रति जागरुक भी करेगा।