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दिल्लीः सिख दंगों में उम्रकैद की सजा काट रहे बलवान खोखर को मिली चार सप्ताह की पैरोल
Thu, 18 Jul 2019 06:57 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 18 Jul 2019 06:57 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने 1984 सिख दंगा मामले में दोषी बलवान खोखर को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक माह की पेरोल प्रदान की है। हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के साथ बलवान खोखर को आजीवन कारावास की सजा 17 दिसंबर 2018 को सुनाई थी।
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न्यायमूर्ति आईएस मेहता ने खोखर की याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे एक माह के लिए जेल से पेरोल पर छोडने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने एक व दो नवंबर 1984 को पालम के राजनगर में पांच सिखों की हत्या के मामले में निचली अदालत के अप्रैल 2013 के फैसले को पलटते हुए सज्जन कुमार आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को सज्जन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।
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तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्तूबर 1984 को सुरक्षाकर्मियों द्वारा हत्या के बाद पूरे देश में दंगे भड़क गए थे। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में निचली अदालत के उस फैसले को कायम रखा था कि जिसमें बलवान खोखर, कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल, पूर्व विधायक महेंद्र यादव व कृष्ण खोखर को सजा सुनाई गई थी। निचली अदालत ने बलवान खोखर, गिरधारी लाल व भागमल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने महेंद्र यादव व कृष्ण खोखर को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने यादव व कृष्ण खोखर की सजा को बढ़ाकर दस साल कर दिया था।
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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह दंगे देश के लिए काला अध्याय थे और मानवता के प्रति अपराध थे। यह दंगे राजनीति संरक्षण प्राप्त लोगों ने करवाए थे। इसमें कई सरकारी एजेंसियों ने उनकी मदद की थी।