फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Criminal cases to be registered against officers delaying investigation

जांच में देरी करने वाले अफसरों के खिलाफ दर्ज होंगे आपराधिक मामले

Fri, 08 Jun 2018 10:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 08 Jun 2018 10:49 AM IST
विज्ञापन
Criminal cases to be registered against officers delaying investigation

शिक्षा विभाग में बीते कई सालों से लंबित पड़े मामलों पर शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने कड़ा संज्ञान लिया है। वीरवार को शिक्षा निदेशालय को जारी चेतावनी पत्र में सचिव ने कहा है कि आपराधिक मामलों की जांच में देरी करने वाले अफसरों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।

विज्ञापन


उन्होंने जांच अधिकारियों को दस दिनों के भीतर लंबित मामले निपटाने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय को लापरवाही बरतने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन

शिक्षा सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जांच के मामलों में देरी होने से लगता है कि शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों पर लागू सेवा शर्तें और सीसीएस नियम कोई मायने नहीं रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 225 प्राथमिक जांच किस नियमों के तहत चल रही है, मैं इसे समझने में असमर्थ हूं। विभिन्न जांचों की दी गई रिपोर्टों से लगता है कि यह जांचें आंखों में धूल झोंकने के लिए दिखाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन

जैसे मामलों में शिक्षा निदेशालय को आपराधिक मामले के बजाय किस विधान के तहत प्राथमिक जांच की शक्तियां किस अधिकारी द्वारा दी गई है यह भी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इन सब मामलों में बिना विलंब प्राथमिकी दर्ज करवाई जाए।

शिक्षा सचिव ने ये आदेश दिए

Criminal cases to be registered against officers delaying investigation

 जिन जांच अधिकारियों के पास दशकों से मामले पड़े हैं उन्हें मामले निपटाने के लिए 10 दिन का समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी जांच अधिकारी तथाकथित जांच रिपोर्ट नहीं देते हैं तब भी विभागाध्यक्ष इन मामलों में वैधानिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज करवाएं।

उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच में देरी करने वालों के खिलाफ भी आपराधिक मामले बनाए जाएं जाने चाहिए। कई सालों से चल रही विभागीय जांच समय पर पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए।

शिक्षा सचिव ने कहा कि प्राथमिक जांच सेवानिवृत्त अधिकारियों के पास कैसे लंबित हैं। इसकी भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें उनके पद से तुरंत हटाया जाए। इस मामले को लेकर उन्होंने 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed