चश्मा बेचा रुपये 3 लाख में, बिल काटा रुपये 1000 का
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वाणिज्य कर विभाग ने सोमवार को शहर के नौ मशहूर ब्रांडेड रिटेल एवं थोक चश्मा शोरूम पर कार्रवाई करते हुए 20 करोड़ रुपये के कारोबार पर टैक्स चोरी का खुलासा किया है।
छापे के बाद अभिलेखों को खंगाला गया तो पाया कि कारोबारी तीन लाख रुपये का चश्मा बेचते हैं, लेकिन बिल महज एक हजार रुपये का काटते हैं। तीन घंटे तक चले जांच अभियान में टीमों ने शोरूम से खरीद और बिक्री के अभिलेख जब्त किए हैं।
एसआईबी सेल ने सामूहिक अभियान के तहत सोमवार को दोपहर में नौ टीमें जांच के लिए लगाईं। जिन शोरूम पर कार्रवाई की गई, उनमें एबीसी चश्मा के छह, एबीसी कॉर्नर , केबीसी चश्मा के दो एवं ट्यूलिप हाइटेक फर्म के शोरूम शामिल हैं।
यहां 3000 रुपये से लेकर दो लाख रुपये ब्रांडेड चश्मा फ्रेम और 1000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये के लेंस बेचे जाने के अभिलेख मिले हैं। ब्रांडेड फ्रेम में बीएमडब्ल्यू, गूसी, अजारो, मोंट बलेंस, हुगरे बॉस, इमपोरियो अरमानी और लेंस की जीस, विजिन आरएक्स, कोडक, जीकेबी समेत कई वैराइटी मिली।
जांच में पाया गया कि तीन लाख रुपये का जो चश्मा बेचा जाता है, उसकी कीमत रिकॉर्ड में महज 1000 रुपये तक दर्शाई गई है। जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि फर्म के द्वारा जितने चश्मा की सेल की जाती है, उसके एक चौथाई का भी रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है।
ट्यूलिप हाइटेक का है थोक कारोबार
एबीसी चश्मे के कैसरबाग, पत्रकारपुरम गोमतीनगर, आलमबाग, एबीसी कॉर्नर अमीनाबाद, एचएएल, केबीसी चश्मा ऑप्टिकल कैसरबाग, हजरतगंज और ट्यूलिप हाइटेक प्राइवेट लिमिटेड के हजरतगंज स्थित शोरूम पर कार्रवाई की गई।
इनमें ट्यूलिप हाइटेक थोक कारोबार करती है, इसका हजरतगंज में तीन मंजिला का शोरूम है। जॉइंट कमिश्नर दिनेश कुमार मिश्र एवं डिप्टी कमिश्नर डॉ. शिव आसरे सिंह ने जब्त अभिलेखों की फौरी जांच करने के बाद बताया कि सभी शोरूम में एक साल के भीतर करीब 20 करोड़ रुपये के चश्मे बेचकर उस पर टैक्स को चुराया गया।
यानी सालाना 20 करोड़ के टर्नओवर का टैक्स हजम कर गए। एसआईबी लखनऊ रेंज के एडिशनल कमिश्नर डॉ. बुद्घेश मणि का कहना है ब्रांडेड चश्मे बेचने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी किए जाने की खुफिया सूचना मिली थी।
इस सूचना के आधार पर कई दिन छानबीन करने के बाद सोमवार को नौ टीमों ने कार्रवाई कर टैक्स चोरी पकड़ी है। कारोबारियों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया।