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सहारनपुर कांड की जांच के लिए धरना
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:15 PM IST
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भाकपा के धरना में बोलते किसान नेता डा. रामबदन सिंह।
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सहारनपुर कांड की न्यायिक जांच कराने, बदहाल कानून व्यवस्था को बहाल करने आदि मांगों को लेकर वामपंथी दलों ने सोमवार को आस्तीन चढ़ाते हुए सरजू पांडेय पार्क में धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में भाकपा के राष्ट्रीय पार्षद विश्वनाथ शास्त्री ने कहा कि भाजपा के कुशासन में देश सुलग रहा है। कहीं किसान आंदोलित है तो अन्य जगहों पर अपनी मांगों को लेकर दूसरा समुदाय संघर्षरत है। उत्तर प्रदेश की हालत और खराब है।
उन्होंने कहा कि दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार की हदें पार हो रही है। इसके उदाहरण सहारनपुर, शामली, मेरठ, संभल की घटनाएं हैं। भाकपा सरकार अपराधों पर रोक लगाने के बजाए विरोधियों पर हमला बोलने में ज्यादा व्यस्त है। नोटबंदी, मीटबंदी, खननबंदी, पशु मेला बंदी, आरा मशीन बंदी एवं भर्तियों पर रोक ने बेरोजगारी का पहाड़ खड़ा कर दिया है। कहा कि किसानों की कर्जमाफी का मामला तो अटका हुआ है। आलू, प्याज जैसी चीजों के दामों में भारी गिरावट ने उन्हें तबाह कर रख दिया है।
इसलिए आज हम सभी को मिलकर हक-हकूक की लड़ाई को आगे बढ़ाना समय की मांग है। धरना सभा में भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, सह सचिव जनार्दन राम, रामअवध, डा. रामबदन सिंह, बच्चेलाल, शमीम अहमद, सुरेंद्र यादव, पूर्व प्रमुख रामायण सिंह यादव, मनोज सिंह, मुन्ना राय, फूलमैन, अरुण कुमार, राम शुक्ला, रामराज बिंद, अंगद, सुभाष कुशवाहा, रामवचन यादव, दुर्गा यादव आदि थे। अध्यक्षता माकपा नेता जाफर अब्बास आब्दी एवं संचालन जनार्दन राम ने किया। अंत में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र डीएम के माध्यम से प्रेषित किया गया।
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उन्होंने कहा कि दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार की हदें पार हो रही है। इसके उदाहरण सहारनपुर, शामली, मेरठ, संभल की घटनाएं हैं। भाकपा सरकार अपराधों पर रोक लगाने के बजाए विरोधियों पर हमला बोलने में ज्यादा व्यस्त है। नोटबंदी, मीटबंदी, खननबंदी, पशु मेला बंदी, आरा मशीन बंदी एवं भर्तियों पर रोक ने बेरोजगारी का पहाड़ खड़ा कर दिया है। कहा कि किसानों की कर्जमाफी का मामला तो अटका हुआ है। आलू, प्याज जैसी चीजों के दामों में भारी गिरावट ने उन्हें तबाह कर रख दिया है।
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इसलिए आज हम सभी को मिलकर हक-हकूक की लड़ाई को आगे बढ़ाना समय की मांग है। धरना सभा में भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, सह सचिव जनार्दन राम, रामअवध, डा. रामबदन सिंह, बच्चेलाल, शमीम अहमद, सुरेंद्र यादव, पूर्व प्रमुख रामायण सिंह यादव, मनोज सिंह, मुन्ना राय, फूलमैन, अरुण कुमार, राम शुक्ला, रामराज बिंद, अंगद, सुभाष कुशवाहा, रामवचन यादव, दुर्गा यादव आदि थे। अध्यक्षता माकपा नेता जाफर अब्बास आब्दी एवं संचालन जनार्दन राम ने किया। अंत में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र डीएम के माध्यम से प्रेषित किया गया।
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