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जेटली ने कैप्टन को दिया भरोसा, 25 से पहले पूरे होंगे गेहूं खरीद के प्रबंध
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Mar 2017 09:34 AM IST
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अरुण जेटली से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं की खरीद को लेकर मंडरा रहा संकट अब दूर होता दिखाई दे रहा है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भरोसा दिया है कि 25 मार्च से पहले गेहूं की खरीद के सारे प्रबंध मुकम्मल कर लिए जाएंगे। वह इस संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश देंगे। कैप्टन ने गेहूं की कैश क्रेडिट लिमिट जारी किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को नई दिल्ली में जेटली से मुलाकात की। उनके साथ वित्त मंत्री मनप्रीत बादल और उनके मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार भी थे।
सीएम ने केंद्रीय वित्तमंत्री से गेहूं की खरीद के लिए 20,683 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट जारी करने की मांग की। क्योंकि इस बार पंजाब की मंडियों में सौ लाख से ज्यादा टन गेहूं की आमद की उम्मीद है। गेहूं की खरीद आधिकारिक तौर पर एक अप्रैल से शुरू होनी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक सीसीएल जारी नहीं की थी। सीएम ने जेटली को बताया कि राज्य सरकार की ओर से सीसीएल संबंधी प्रस्ताव आरबीआई को भेजा जा चुका है।
पंजाब केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा अनाज देता है, इसलिए यहां खरीद के लिए समय पर सीसीएल जारी करना यकीनी बनाया जाना चाहिए। कैप्टन के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल ने बताया कि जेटली ने भरोसा दिया है कि किसानों को अनाज बेचने में कोई समस्या न आए, केंद्र इसे यकीनी बनाएगा। सीएम ने दोपहर के भोजन पर हुई सकारात्मक बैठक के लिए जेटली को धन्यवाद दिया।
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सीएम ने केंद्रीय वित्तमंत्री से गेहूं की खरीद के लिए 20,683 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट जारी करने की मांग की। क्योंकि इस बार पंजाब की मंडियों में सौ लाख से ज्यादा टन गेहूं की आमद की उम्मीद है। गेहूं की खरीद आधिकारिक तौर पर एक अप्रैल से शुरू होनी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक सीसीएल जारी नहीं की थी। सीएम ने जेटली को बताया कि राज्य सरकार की ओर से सीसीएल संबंधी प्रस्ताव आरबीआई को भेजा जा चुका है।
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पंजाब केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा अनाज देता है, इसलिए यहां खरीद के लिए समय पर सीसीएल जारी करना यकीनी बनाया जाना चाहिए। कैप्टन के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल ने बताया कि जेटली ने भरोसा दिया है कि किसानों को अनाज बेचने में कोई समस्या न आए, केंद्र इसे यकीनी बनाएगा। सीएम ने दोपहर के भोजन पर हुई सकारात्मक बैठक के लिए जेटली को धन्यवाद दिया।
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पिछले दोनों सीजन आई थी परेशानी
अरुण जेटली से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि हाल ही में सीएम ने मीटिंग कर सभी डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए थे कि वे खुद गेहूं की खरीद की निगरानी करें। करीब 1800 मंडियों में सारे इंतजाम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। किसानों को किसी तरह की समस्या न आए यकीनी बनाया जाए।
सीएम, जिनके पास फूड सप्लाई विभाग भी है, ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान किए गए लेबर और ट्रांसपोर्ट के टेंडर रद करने के आदेश भी दिए थे। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मंडी बोर्ड को मंडियों में बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराने को कहा गया है ताकि किसानों और आढ़तियों को कोई समस्या न आए। साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पिछले दोनों सीजन आई थी परेशानी
कैश क्रेडिट लिमिट को लेकर पिछले दो सीजन से किसानों को खासी परेशानी आ रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच रकम के विवाद के चलते पिछले धान और उससे पहले गेहूं सीजन में केंद्र सरकार ने सीसीएल रोक ली थी, जिसके चलते किसानों की अदायगी रुक गई थी। धान सीजन में तो नोटबंदी के चलते किसानों को और परेशानी झेलनी पड़ी थी।
सीएम, जिनके पास फूड सप्लाई विभाग भी है, ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान किए गए लेबर और ट्रांसपोर्ट के टेंडर रद करने के आदेश भी दिए थे। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मंडी बोर्ड को मंडियों में बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराने को कहा गया है ताकि किसानों और आढ़तियों को कोई समस्या न आए। साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पिछले दोनों सीजन आई थी परेशानी
कैश क्रेडिट लिमिट को लेकर पिछले दो सीजन से किसानों को खासी परेशानी आ रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच रकम के विवाद के चलते पिछले धान और उससे पहले गेहूं सीजन में केंद्र सरकार ने सीसीएल रोक ली थी, जिसके चलते किसानों की अदायगी रुक गई थी। धान सीजन में तो नोटबंदी के चलते किसानों को और परेशानी झेलनी पड़ी थी।